रांची : रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बीती देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अचानक स्टेडियम पहुंचने से आंदोलन स्थल पर भारी विवाद खड़ा हो गया और देर रात ही सियासी गतिविधियां भी तेज हो गईं।
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छात्र नेता पीयूष कुमार के अनुसार, रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री, SSP राकेश रंजन और सिटी एसपी पारस राणा समेत कई अधिकारी देर रात स्टेडियम पहुंचे। अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों और अन्य छात्रों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। हालांकि, छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कोर कमेटी के सदस्यों से अलग से बातचीत करने से इनकार कर दिया, जिससे असमंजस की स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी देर रात ही स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन की टीम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों को जबरन हटाने और दबाव बनाने आई थी। बाबूलाल मरांडी ने सरकार से सवाल उठाया कि वह जेपीएससी धांधली मामले में सीबीआई (CBI) जांच कराने से क्यों बच रही है।
दूसरी ओर, सिटी एसपी पारस राणा और डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने पुलिस पर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी को हिरासत में लेने नहीं पहुंची थी, बल्कि आंदोलन की आड़ में पहुंचे संदिग्ध बाहरी और असामाजिक तत्वों की पहचान करने गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। वहीं, डीसी ने कहा कि प्रशासन छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की समीक्षा करने पहुंचा था और जिला प्रशासन वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।




