रांची : JPSC सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कर रही CID ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में सफल घोषित अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी है। वहीं, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन यानी 29 जुलाई को भी कई घंटों तक पूछताछ की गई।
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31 जुलाई को फिर होगी एल खियांग्ते से पूछताछ
पूछताछ के दौरान CID अधिकारियों ने एल खियांग्ते से परीक्षा के संचालन, चयन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े कई मुद्दों पर जानकारी ली। जांच एजेंसी उपलब्ध दस्तावेजों और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बयानों का मिलान कर जांच की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। देर शाम पूछताछ पूरी होने के बाद एल खियांग्ते को जाने की अनुमति दी गई। CID ने उन्हें 31 जुलाई को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।
सफल अभ्यर्थियों से मांगी गई OMR शीट
CID ने JPSC सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों से पेपर-1 और पेपर-2 की OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी है। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे अपनी OMR शीट की कार्बन कॉपी का पीडीएफ बनाकर या उसकी साफ तस्वीर लेकर व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से CID की एसआईटी को भेजें। इसके लिए CID ने व्हाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल आईडी Complainjpsc.cid@jhpolice.gov.in जारी की है।
स्थानांतरण के बाद 15 दिनों के लिए फिर JPSC लौटी थीं श्वेता गुप्ता
JPSC में CID की छापेमारी के बाद चर्चा में आईं श्वेता गुप्ता को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। श्वेता गुप्ता वर्ष 2023 में JPSC में अवर सचिव सह उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर आई थीं। मई 2026 में श्वेता गुप्ता का स्थानांतरण खाद्य आपूर्ति विभाग में किया गया था। वहीं, JPSC की उप सचिव सरोजनी एनी तिर्की का स्थानांतरण परियोजना निदेशक, लातेहार के पद पर हुआ था। हालांकि, दोनों अधिकारियों ने अपने नए पद पर योगदान नहीं दिया। इसके बाद कार्मिक विभाग ने 29 जून 2026 को दोनों को अलग-अलग पत्र भेजकर निर्देश दिया कि यदि वे स्थानांतरित पद पर योगदान नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
योगदान के बाद फिर JPSC में हुई प्रतिनियुक्ति
कार्मिक विभाग का पत्र मिलने के बाद श्वेता गुप्ता और सरोजनी एनी तिर्की ने 8 और 9 जुलाई 2026 को अपने नए पदों पर योगदान दिया। इसके बाद कार्मिक विभाग के निर्देश के आधार पर दोनों को योगदान की तारीख से 15 दिनों के लिए फिर से JPSC में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। मिली जानकारी के अनुसार JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते के अनुरोध पर दोनों अधिकारियों की आयोग में प्रतिनियुक्ति की गई थी। उनकी 15 दिनों की प्रतिनियुक्ति अवधि 24 जुलाई 2026 को समाप्त होनी थी। इससे पहले ही 21 जुलाई 2026 को CID ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।




