रांची : ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित उद्यमों को मजबूत करने के उद्देश्य से रांची जिला में मंगलवार को झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने दीप प्रज्वलित कर की। इस मौके पर उपायुक्त ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
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तीन वर्षों में 150 महिला उद्यमों का चयन
झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD), भारत सरकार द्वारा अनुमोदित पहल है। इसे झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से IIM Calcutta Innovation Park द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत अगले तीन वर्षों में 150 महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों का चयन किया जाएगा। चयनित उद्यमों को स्थापना, विस्तार और विकास के अलग-अलग चरणों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, बाजार से जुड़ाव और व्यवसाय को औपचारिक रूप देने जैसी सेवाएं दी जाएंगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमों को मजबूत और टिकाऊ बनाना है।
रांची में केंद्रीय हब और पांच स्पोक केंद्र
कार्यक्रम के तहत रांची में एक केंद्रीय हब स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा झारखंड के पांच क्षेत्रों में स्पोक केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और व्यावसायिक सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे उद्यमियों को कारोबार से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तलाशने और नए अवसरों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

‘आदिवा’ राखी का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान इटकी और नगड़ी प्रखंड के एडचेरो गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार ‘आदिवा’ ब्रांड की राखी का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा निर्मित इस उत्पाद को प्रदर्शित किया गया। SHG की महिला सदस्यों ने जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और भाई-बहन के स्नेह का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के जरिए SHG आधारित छोटे उद्यमों को व्यवस्थित और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं के लिए आयवर्धन, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। कार्यक्रम में SMMU से SPM (Non-Farm) नितीश कुमार सिन्हा, PM तुमुल तरण, रांची DPM अभिषेक चंद, DM (EP) प्रमोद कुमार सहित सभी प्रखंडों के BPM, BPOs, Non-Farm Cadres और स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य मौजूद रहीं।





