काठमांडू : नेपाल-तिब्बत सीमा के समीप 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,388 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ के कारण सड़कें और पुल पूरी तरह से बह जाने से देश की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है और परिवहन लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। यातायात ठप होने के कारण नेपाल में महंगाई बेकाबू हो चुकी है, जिससे आम जनता के लिए रोजाना का खान-पान भी बेहद मुश्किल हो गया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, काठमांडू घाटी के बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान दैनिक उपयोग की सभी जरूरी वस्तुओं की कीमतें अत्यधिक बढ़ गई हैं।
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मटन ₹1700 प्रति किलो तो चीनी हुई ₹140
बाजार में खाद्य सामग्रियों की कीमतें नेपाली रुपये में तेजी से बढ़ी हैं। जीरा मसिनो चावल का 20 किलो का बोरा 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 2,700 रुपये में बिक रहा है। सरसों का तेल 410 से बढ़कर 460 रुपये और सूरजमुखी का तेल 295 से 300 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा चीनी 100 से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलो और काली दाल 200 रुपये प्रति किलो हो गई है। सब्जियों और फलों के दामों में भी भारी उछाल आया है; टमाटर 120 रुपये, करेला 100 रुपये और फुजी सेब 450 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। वहीं, बर्ड फ्लू के प्रभाव और आपूर्ति की कमी से मटन की कीमत 1,300 से बढ़कर 1,700 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि एक अंडा 25 रुपये प्रति पीस बिक रहा है।
रसोई गैस का गहराया संकट, त्योहारों की रंगत पड़ी फीकी
पृथ्वी राजमार्ग और भोटेकोशी बाढ़ के चलते मुख्य सड़क संपर्क टूटने के कारण काठमांडू में एलपीजी (रसोई गैस) का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोग गैस सिलेंडर के लिए घंटों लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं। सितंबर और अक्टूबर का समय नेपाल में तीज, दशैं (दशहरा) और तिहार (दिवाली) जैसे प्रमुख त्योहारों का होता है। हालांकि, महंगाई के कारण लोग पारंपरिक पकवान जैसे ‘सेलरोटी’ बनाने से भी परहेज कर रहे हैं। ललितपुर की एक गृहिणी शांति बेलबासे ने बताया कि सामानों के दाम अत्यधिक बढ़ने और गैस की किल्लत के चलते उन्होंने तीज पर अपने घर मेहमानों को बुलाना रद्द कर दिया।
बिचौलियों का बोलबाला और मंदी की आशंका
उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का आरोप है कि बाजार में सामानों की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि आपदा और त्योहारी सीजन का लाभ उठाकर थोक व्यापारी और बिचौलिए मनमाने दाम वसूल रहे हैं। नेपाल राष्ट्र बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक नर बहादुर थापा ने चेतावनी दी है कि यदि बढ़ती कीमतों के कारण लोगों ने खरीदारी कम कर दी, तो मांग में गिरावट से देश में मंदी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने सरकार को खाद्य सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स नीति पर तत्काल कदम उठाने की सलाह दी है।




