नई दिल्ली : भारत अपनी स्वतंत्रता के 80 साल पूरे होने का उत्सव मना रहा है। 1947 में मिली आजादी के बाद से चली आ रही परंपरा के तहत इस साल भी देश का मुख्य समारोह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित हुआ। PM मोदी ने लाल किले पर ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। PM ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। उनका यह संबोधन लगभग 76 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में हुई देश की प्रगति का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया।
देश में बढ़ी बायोइकोनॉमी और ईवी की बिक्री
PM मोदी ने कहा कि देश में पहले बायोइकोनॉमी का कारोबार केवल 60 हजार करोड़ रुपये का था, जो 2014 के बाद बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि साल 2009-10 में जहां देश में महज 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों तक पहुंच गया। उन्होंने विमानन क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि मेंटेनेंस और ओवरहॉलिंग के कारण स्किल्ड मैनपावर को बढ़ावा मिल रहा है। ‘मेड इन इंडिया’ एयरक्राफ्ट को प्रोत्साहन मिला है और देश में बना पहला C295 विमान अब उड़ान भर चुका है।
युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क
कोचिंग संस्थाओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर चिंता व्यक्त करते हुए PM ने कहा कि हर परिवार को लगता है कि बच्चे को कोचिंग भेजे बिना काम नहीं चलेगा। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का फैसला किया है। देश भर में युवाओं के लिए निशुल्क कोचिंग देने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
खेल और ओलंपिक को लेकर नई रणनीति
खेल जगत में भारत की प्रगति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के हर पोडियम पर भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है। ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना’ (TOP Scheme) से इसे काफी मदद मिली है। उन्होंने बताया कि भारत 2036 के ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार है, जबकि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन भारत में होना है। PM ने कहा कि ओलंपिक में 40 खेल और 350 स्पर्धाएं होती हैं, जिनमें से दो-तिहाई खेलों में फिलहाल भारत की मौजूदगी नहीं रहती। उन्होंने इस स्थिति को बदलने की चुनौती देते हुए घोषणा की कि 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में प्रतिभा तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद उन्हें खोजकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा पर कड़ा रुख
माओवाद और नक्सलवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चार दशकों तक इसने देश के बड़े हिस्से को हिंसा की चपेट में रखा। नक्सलवाद से लड़ते हुए साढ़े तीन हजार सुरक्षाबलों और पुलिस जवानों ने अपनी शहादत दी। 2014 में सरकार में आने के बाद संकल्प लिया गया था कि इसे खत्म किया जाएगा और आज देश नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। PM ने चेतावनी देते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सली तो खत्म हो चुके हैं, लेकिन दिमागी रूप से नक्सली सोच रखने वाले लोग अभी भी देश को हिंसा में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करना होगा। उन्होंने कहा कि आज साइबर, बैंकिंग और तेल रिफाइनरियों जैसे क्षेत्रों पर भी हमले हो रहे हैं, जिनकी सुरक्षा करना बेहद जरूरी है।
सिविल डिफेंस और नारी शक्ति का आह्वान
देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए PM ने जल्द ही देश भर में एक बड़ा नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) नेटवर्क खड़ा करने का ऐलान किया, जिसमें युवाओं की प्रमुख भागीदारी होगी। इसके साथ ही, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन करें ताकि महिलाओं को जल्द से जल्द 33 फीसदी प्रतिनिधित्व मिल सके और वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।
डिजिटल जनगणना में युवाओं से मदद की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं से चल रहे जनगणना के कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस बार नागरिक स्वयं बैठकर डिजिटली अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं। युवा परिवार के साथ बैठकर सही डेटा फीड करें ताकि देश की योजनाएं बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। भाषण के अंत में PM ने कहा, “समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है।” उन्होंने देशवासियों से मिलकर विकसित भारत बनाने का संकल्प लेने को कहा। कार्यक्रम के औपचारिक समापन के बाद प्रधानमंत्री बच्चों के बीच पहुंचे। इस दौरान पैर छूने के लिए झुकी एक छात्रा की सिर से गिरी टोपी को PM ने खुद उठाकर दोबारा उसके सिर पर पहनाया।
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