वॉशिंगटन: अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वाले लोगों के लिए अगले महीने फॉर्म I-485 का नया संस्करण लागू करने जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बदलाव लागू होने के बाद पुराने फॉर्म का इस्तेमाल कर जमा किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। USCIS की आधिकारिक सूचना के अनुसार, फॉर्म I-485 यानी Application to Register Permanent Residence or Adjust Status का नया संस्करण 18 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। यह फॉर्म उन पात्र लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो पहले से अमेरिका में रह रहे हैं और कानूनी स्थायी निवासी का दर्जा यानी ग्रीन कार्ड हासिल करना चाहते हैं।
यह बदलाव खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो रोजगार या परिवार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो वर्षों से इमिग्रेंट वीजा नंबर उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं। USCIS के अनुसार, नए फॉर्म पर 18 सितंबर 2026 की संस्करण तिथि होगी और यह 20 जनवरी 2025 वाले पुराने संस्करण की जगह लेगा। एजेंसी ने आवेदकों और इमिग्रेशन वकीलों के लिए नए फॉर्म तथा उससे जुड़े निर्देशों की जानकारी भी उपलब्ध कराई है।
पुराने और नए फॉर्म को लेकर नहीं मिलेगा ग्रेस पीरियड
USCIS ने साफ किया है कि दोनों संस्करणों को एक साथ स्वीकार करने के लिए कोई ग्रेस पीरियड नहीं होगा। ऐसे में आवेदकों के लिए यह देखना बेहद जरूरी होगा कि वे आवेदन किस तारीख को डाक से भेज रहे हैं या ऑनलाइन जमा कर रहे हैं और उसी के अनुसार सही फॉर्म का इस्तेमाल करें। एजेंसी 20 जनवरी 2025 वाले पुराने संस्करण को तभी स्वीकार करेगी, जब उसे 18 सितंबर 2026 से पहले डाक के जरिए भेजा गया हो या ऑनलाइन जमा किया गया हो। यदि यही पुराना फॉर्म 18 सितंबर या उसके बाद भेजा या ऑनलाइन जमा किया गया, तो आवेदन सीधे अस्वीकार किया जा सकता है।
वहीं, नए 18 सितंबर 2026 संस्करण को उसकी प्रभावी तिथि से पहले जमा नहीं किया जाना चाहिए। USCIS नए फॉर्म को केवल 18 सितंबर या उसके बाद डाक से भेजे गए अथवा ऑनलाइन जमा किए गए आवेदन के रूप में स्वीकार करेगा। इस सीमित बदलाव अवधि में आवेदन जमा करने की तारीख बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। गलत संस्करण का इस्तेमाल करने पर USCIS आवेदन की सामग्री पर विचार करने से पहले ही उसे खारिज कर सकता है।
भारतीय आवेदकों के लिए क्यों अहम है बदलाव?
भारतीय पेशेवर अमेरिका की रोजगार आधारित आव्रजन प्रणाली में बड़ी संख्या में शामिल हैं। तकनीक, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और अन्य विशेष क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिक ग्रीन कार्ड के लिए बड़ी संख्या में आवेदन करते हैं। प्रति देश निर्धारित वार्षिक वीजा सीमा के कारण कई भारतीय आवेदकों को स्थायी निवास हासिल करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में I-485 जैसे महत्वपूर्ण आवेदन फॉर्म में बदलाव भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए विशेष रूप से अहम हो जाता है।








