जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जमशेदपुर में तबाही की स्थिति पैदा कर दी है। शहर से होकर गुजरने वाली खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। खरकई नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है, वहीं स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है। इससे नदी के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
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जिला प्रशासन अलर्ट पर, बनाए गए राहत शिविर
DC राजीव रंजन ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मौसम के मिजाज को देखते हुए शाम तक दोनों नदियों के जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन को पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है। प्रशासन ने तटीय व निचले इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ते ही तुरंत सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की है। आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न सामुदायिक भवनों में राहत शिविर स्थापित कर दिए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और पेयजल की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
बागबेड़ा नया बस्ती में घुसा पानी, सैकड़ों मकान डूबे
बारिश के बीच बागबेड़ा नया बस्ती क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर स्लुईस गेट की व्यवस्था न होने के कारण नदी का उफनता पानी नाले के रास्ते तेजी से बस्ती में घुस गया। देखते ही देखते कई मकान बाढ़ के पानी में डूब गए और सैकड़ों परिवार इससे सीधे प्रभावित हुए हैं। पानी का स्तर लगातार बढ़ता देख स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।
राहत और बचाव अभियान चलाने की मांग
बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष व भाजपा नेता सुबोध झा ने जिला प्रशासन से अविलंब प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थिति अत्यंत गंभीर है, इसलिए बिना किसी देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाना चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय, स्वच्छ पेयजल और भोजन मिल सके।








