रांची : धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में बुधवार को नेत्रदान उत्सव के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रहों का विशेष अनुष्ठान शुरू हो गया। शाम 5 बजे 108 दीपों की महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे।
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मंदिर प्रबंधन के अनुसार कल यानी गुरुवार को शाम 5:01 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेगा। ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
16 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद दर्शन बंद कर दिए जाएंगे। दोपहर 2:30 से 3 बजे के बीच सुदर्शन चक्र, श्री गरुड़, लक्ष्मी-नरसिंह, बलभद्र स्वामी, माता सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के विग्रह रथ की ओर प्रस्थान करेंगे। इसके बाद विग्रहों को रथ पर विराजमान कर उनका श्रृंगार किया जाएगा।
शाम 4 बजे रथ पर श्री विष्णु सहस्रनाम पूजा होगी। शाम 4:30 से 5 बजे तक भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित किए जाएंगे और शाम 5:01 बजे रथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगा। रथ के शाम 6 बजे तक मौसीबाड़ी पहुंचने की संभावना है। शाम 6:05 बजे से महिलाओं को रथ पर दर्शन का अवसर मिलेगा। रात 7 बजे दर्शन बंद कर विग्रहों को मौसीबाड़ी मंदिर में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे 108 दीपों की मंगल आरती और शयन अनुष्ठान होगा।
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प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
मंदिर न्यास समिति के अनुसार, रथ पर केवल पुजारी और अधिकृत व्यक्ति ही धोती पहनकर रहेंगे। रथ संचालन के दौरान हटिया के पुलिस उपाधीक्षक दिशा-निर्देश देंगे। श्री विष्णु सहस्रनाम पूजा के समय रथ सुरक्षा समिति और पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। समिति ने बताया कि रथ धीरे-धीरे मौसीबाड़ी की ओर बढ़ेगा। भगवान जगन्नाथ की वापसी रथयात्रा 25 जुलाई को निकाली जाएगी।




