रांची : दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञेयसागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 नियोग सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आज ‘उत्तम सत्य धर्म’ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातः काल से ही जिनालय में देव-शास्त्र-गुरु की पूजन, दशधर्म विधान की विशेष अर्घ्य समर्पण और संगीतमय आरती की गई।
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धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने कहा कि सत्य केवल मुख से कुछ शब्दों को बोल देना नहीं है। मन, वचन और काय की एकरूपता ही वास्तविक सत्य है। जब मनुष्य के भीतर छल-कपट का अंधकार मिटता है, तभी सत्य का सूर्य उदित होता है।
महाराज श्री ने प्रेरणा देते हुए कहा कि हमारी वाणी हमेशा हित,मित और प्रिय होनी चाहिए। अर्थात वही वचन उत्तम सत्य की श्रेणी में आता है जो दूसरों का कल्याण करने वाला हो, मर्यादित (सीमित) हो और सुनने में मधुर हो। अप्रिय और हिंसक सत्य,असत्य से भी अधिक घातक हो सकता है।
लोभी व्यक्ति कभी सत्य के मार्ग पर अडिग नहीं रह सकता
मुनिश्री ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि सत्य धर्म का पालन करने के लिए क्रोध,मान, माया और लोभ जैसी कषायों को जीतना बेहद जरूरी है। लोभी व्यक्ति कभी सत्य के मार्ग पर अडिग नहीं रह सकता। उत्तम सत्य का अर्थ है अप्रिय, कठोर, निंदापूर्ण और कटु वचनों को नहीं बोलना, उत्तम सत्य धर्म वह मार्ग है जो व्यक्ति को सत्य,न्याय और नैतिकता की और प्रेरित करता है। दशलक्षण पर्व हमें अपनी आत्मा को शुद्ध करने का अवसर देता है।
जैन मंदिर सभागार में सामूहिक पूजन संगीतमय तरीके से वाद्य यंत्रों से विद्वान प्रदीप शास्त्री पीयूष के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। मुख्य बेदी में अभिषेक शान्तिधारा का सौभाग्य आकाश कुमार सारांश कुमार सेठी परिवार एवं पारसमल अशोक कुमार शरद कुमार अंकित कुमार पाटोदी परिवार को मिला।
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वासुपूज्य जिनालय में रूपचन्द ओम प्रकाश चेतन कुमार छाबड़ा परिवार एवं टिकमचन्द संजय कुमार सुरेन्द्र कुमार छाबड़ा परिवार को मिला। सामूहिक पूजन की शान्तिधारा का सौभाग्य संजय कुमार शाश्वत कुमार सेठी परिवार, प्रदीप कुमार सुनील कुमार पाटनी परिवार, अनिल कुमार मनोज कुमार अंकित कुमार ठोल्या परिवार, विजय कुमार तन्मय कुमार मुदित कुमार लहाड़िया परिवार, को मिला। उत्तम सत्य धर्म के अर्घ्य समर्पित किए गए। इसके पश्चात सामूहिक रूप से तत्वार्थसूत्र जी का वाचन संपन्न हुआ। संध्या आरती एवं शास्त्र सभा के पश्चात जैन युवा जागृति के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम फैमिली नम्बर वन की प्रस्तुति हुई।
कल अपराह्न 3.00 बजे से संध्या 6.00 बजे तक सुगन्ध दशमी
कल को सुगन्ध दशमी मनाई जाएगी। समाज के अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल एवं मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा ने सभी से अनुरोध किया है कि दोनों जिनालयों में धूप खेने का समय अपराह्न 3.00 बजे से संध्या 6.00 बजे तक हैं सभी से निवेदन हैं कि समय का ध्यान अवश्य रखें।यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।








