न्यूयॉर्क. भारत की आजादी के जश्न को समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी इंडिया डे परेड में रविवार को भारतीय संस्कृति, विविधता और प्रवासी भारतीयों के योगदान की शानदार झलक देखने को मिली। मैडिसन एवेन्यू पर आयोजित इस परेड में करीब 2 लाख लोगों ने हिस्सा लिया या सड़क किनारे पहुंचकर तिरंगा लहराते हुए उत्सव में भागीदारी की।इस साल इंडिया डे परेड की थीम ‘विरासत में सद्भाव’ रखी गई थी। थीम के जरिए भारत की विविधता में एकता और सद्भाव की भावना को सामने रखा गया। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने परेड का नेतृत्व किया और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की।
‘भारतीय संस्कृति की दिखी विविध तस्वीर’
परेड में अभिनेत्री पूजा हेगड़े और अभिनेता अदिवि शेष मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। दोनों अलग-अलग झांकियों पर सवार होकर परेड मार्ग से गुजरे। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद प्रशंसकों ने उनका उत्साह बढ़ाया।फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस की ओर से आयोजित यह परेड का 44वां संस्करण था। आयोजकों के मुताबिक, भारतीय आयोजनों में भागीदारी के लिहाज से यह दुनिया की सबसे बड़ी परेड बन चुकी है। खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोग बिना किसी विशेष निमंत्रण के खुद ही परेड देखने और जश्न में शामिल होने पहुंचे।आयोजक अविनाश गुप्ता ने कहा कि यह परेड हर साल आकार और भागीदारी के लिहाज से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न्यूयॉर्क, अमेरिका और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में प्रवासी भारतीयों के योगदान को सामने लाता है।
’36 झांकियों ने पेश की भारत की विविधता’
परेड में कुल 36 झांकियां शामिल थीं। इनमें भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के साथ भारतीय-अमेरिकी कारोबार, मीडिया और गैर-सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व किया गया। विभिन्न समुदायों और संगठनों की प्रस्तुतियों ने परेड को विविध रंग दिया।परेड मार्ग पर कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। न्यूयॉर्क पुलिस, स्कूलों और सांस्कृतिक संगठनों के बैंड भी इसमें शामिल हुए। बैंड ने पश्चिमी मार्चिंग धुनों के साथ भारतीय संगीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया।
‘भारत और अमेरिका के साझा इतिहास का जिक्र’
अविनाश गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा। उनके मुताबिक, यह भारत की ब्रिटिश शासन से आजादी की 80वीं वर्षगांठ और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के संदर्भ में आयोजित हुआ। उन्होंने दोनों देशों के औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष के साझा इतिहास का भी उल्लेख किया।परेड समाप्त होने के बाद संगीत और नृत्य का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भारतीय मूल के लोगों के साथ बड़ी संख्या में अन्य अमेरिकी नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बने और भारत की संस्कृति एवं विरासत की झलक देखी।








