दुमका : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को दुमका स्थित राजकीय मूक-बधिर आवासीय विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि मूक-बधिर बच्चे समाज की मुख्यधारा के समान रूप से महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं। उनके विकास के लिए परिवार, समाज, विद्यालय और सरकार को मिलकर सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।
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विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पर भरोसा रखने का संदेश
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता पर विश्वास रखें तथा शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की किसी आवश्यकता या समस्या के बारे में उन्हें जरूर अवगत कराया जाए, ताकि उनके स्तर से जो भी संभव सहयोग हो सके, वह किया जा सके। संवाद के दौरान राज्यपाल ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के मूल निवासी हैं। उन्होंने कहा कि बरेली में भी मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए विद्यालय संचालित है और वहां के विद्यालय से जुड़े शिक्षकों से उनका संपर्क रहा है।

क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का किया निरीक्षण
राज्यपाल ने विद्यालय के क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का भी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा कि ऐसे बच्चों के प्रति समाज का दृष्टिकोण समान अवसर और सहयोग का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचान सकें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा कर सकें। राज्यपाल ने समाज के लोगों से मूक-बधिर बच्चों को प्रोत्साहित करने तथा उनकी शिक्षा और विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को परिसंपत्तियां बांटीं, वृद्धजनों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विद्यालय के विद्यार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। इस अवसर पर वृद्धजनों को भी सम्मानित किया गया।







