रांची। हाईकोर्ट ने राजधानी सहित पूरे राज्य में दुकानों में खुलेआम कटे हुए बकरे व मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले में राज्य सरकार की ओर से स्लॉटर हाउस के लिए रूल और रेगुलेशन बनाने को लेकर 1 महीने की समय की मांग की गई।
सरकार की ओर से बताया गया कि इसका ड्राफ्ट वित्त विभाग को भेजा गया है
सरकार की ओर से बताया गया कि इसका ड्राफ्ट वित्त विभाग को भेजा गया है। इसके बाद इसे कैबिनेट में अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। कोर्ट में सरकार का पक्ष जानने के बाद मामले के अगली सुनवाई 20 अगस्त निर्धारित की। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने जनहित याचिका दायर की है। प्रार्थी ने याचिका में कहा है कि रांची शहर सहित राज्य में मीट विक्रेता बाहर खुले में कटे हुए बकरा व चिकन की बिक्री के लिए उसका प्रदर्शन करते हैं। यह एफआइसीसीआइ के रूल और रेगुलेशन के खिलाफ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत भी है।




