नई दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आने का दावा किया जा रहा है। अल अरबिया इंग्लिश और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को-पायलट ओमान का रहने वाला है और उसका नाम हमाम अल-हमामी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह पहले ओमान की सरकारी एयरलाइन ओमान एयर में भी काम कर चुका है।
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ओमान में उड़ान भरने पर लगी थी रोक
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि हमाम अल-हमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर लिया गया था। बताया गया है कि सीरिया में रहने के दौरान अल-हमामी कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव में आया था। उड़ान भरने से रोके जाने के बाद वह ओमान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात चला गया। इसके बाद उसने फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल की।
माता-पिता के बारे में क्या जानकारी सामने आई?
रिपोर्टों के मुताबिक अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमान के रहने वाले हैं, जबकि उसकी मां सीरियाई मूल की हैं। उसने अपने जीवन का अधिकांश समय संयुक्त अरब अमीरात में बिताया था। इस मामले में फ्लाईदुबई की ओर से उसे नौकरी देने से पहले किए गए पृष्ठभूमि सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ओमान में उसके बारे में पहले ही सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आ चुकी थीं।
इजरायल में विमान गिराने की योजना का दावा
इजराइल के i24NEWS ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया कि को-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसका इरादा विमान को इजरायल में गिराने का था। रिपोर्ट में इसे 9/11 जैसी घटना की आशंका से जोड़ा गया है। हालांकि, यह जानकारी जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है और मामले की जांच अभी जारी है। अल-हमामी को संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है, जहां जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां उसके कथित आतंकी नेटवर्क से संबंध, संभावित मकसद और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था। घटना के दौरान कैप्टन स्मित ने उसका विरोध किया और एटीसी को हाईजैक का संकेत भेजा। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर चोटों के बावजूद हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद चालक दल के अन्य सदस्य और यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमाम अल-हमामी को काबू में किया। विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य पायलटों ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला। विमान की आपात लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में कराई गई। उपलब्ध रिपोर्टों में यात्रियों की संख्या 174 बताई गई है।
कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका
पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका अहम रही। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे चालक दल और यात्रियों को आरोपी को काबू करने का मौका मिला। PM मोदी ने कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इससे पहले इजराइल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट के साहस की प्रशंसा की थी और कहा था कि एक भारतीय ने ‘9/11 जैसी त्रासदी’ को रोक दिया।





