रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन के समापन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से आंदोलनरत छात्र और युवा अनशन पर बैठे हैं, और उनकी यह मांग सिर्फ उनकी नहीं बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं और आम जनता की आवाज बन चुकी है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती और JPSC की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और नौकरियां बेचने का खेल खेला गया है।
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अधिकारियों पर दर्ज हो FIR, CBI के हाथों में सौंपी जाए जांच: बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं :
परीक्षाएं रद्द हों : जिन भी प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोप लगे हैं, उन्हें सरकार तत्काल प्रभाव से रद्द करे।
अधिकारियों पर FIR और गिरफ्तारी : JPSC और JSSC के अध्यक्ष, सदस्यों, सचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे प्रमुख पदों पर रहे अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनकी तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
CBI जांच : पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) का राजनीतिक रुख नहीं है, बल्कि यह उन हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है जिनके साथ छल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक में भी प्रमुखता से उठाया गया था।
CID जांच पर खड़े किए गंभीर सवाल
राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि CID की जांच केवल खानापूर्ति साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जो अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे थे, उन्हें अचानक हटाकर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई, जो साफ तौर पर जांच की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को वास्तविक न्याय दिलाने के लिए केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है।




