रांची। सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के आकस्मिक निधन के बाद झारखंड के सरकारी चिकित्सकों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने आंदोलन के कार्यक्रम में बदलाव किया है। झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा) के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नौ अक्टूबर को चिकित्सकों को काला बिल्ला लगाकर काम करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराना था।
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झासा की प्रमुख मांगों में चिकित्सकों के लिए डायनेमिक एसीपी, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, संविदा नियुक्ति नियमावली में बदलाव तथा सेवानिवृत्ति आयु से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। संघ का कहना है कि चिकित्सकों की सेवा संबंधी लंबित मांगों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।
झासा ने स्पष्ट किया है कि रूपी सोरेन के निधन के कारण आंदोलन के मौजूदा कार्यक्रम में तीन दिन का विराम दिया गया है, लेकिन 22 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा फिलहाल यथावत है।



