झुमरीतिलैया में दीक्षा महोत्सव पर उमड़े श्रद्धालु, गुरुदेव से लिया आशीर्वाद

झुमरीतिलैया : झुमरीतिलैया में चातुर्मास कर रहे पूज्य श्रमण मुनि 108 सुयश सागर जी महाराज का 17वां दीक्षा महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव और धूमधाम के साथ मनाया गया। स्टेशन रोड स्थित बड़ा मंदिर परिसर में बने भव्य पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में देश के

दीक्षा महोत्सव
महोत्सव में देशभर से पहुंचे जैन समाज के भक्त

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झुमरीतिलैया : झुमरीतिलैया में चातुर्मास कर रहे पूज्य श्रमण मुनि 108 सुयश सागर जी महाराज का 17वां दीक्षा महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव और धूमधाम के साथ मनाया गया। स्टेशन रोड स्थित बड़ा मंदिर परिसर में बने भव्य पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भक्तों ने गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव की शुरुआत सुबह विश्व शांति मंत्रों के साथ भगवान की स्वर्ण झारी से विश्व शांति धारा कराकर की गई। ब्रह्मचारी संजय भैया और पंडित अभिषेक शास्त्री ने दीक्षा महोत्सव का पूजन एवं विधि-विधान संपन्न कराया।

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देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरुदेव को अर्पित किया श्रीफल

दीक्षा महोत्सव में दुर्ग, रायपुर, रायगढ़, बलौदा बाजार, जयपुर, कोलकाता, खूंटी, हजारीबाग और गया समेत विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने गुरुदेव के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। गुरुदेव के परम भक्त चंद्र प्रकाश लता जैन, हजारीबाग ने उनका पाद प्रक्षालन किया और जिनवाणी भेंट की। जैन समाज महिला समाज, जैन बालिका समाज और जैन युवक समिति ने संगीतमय नृत्य के साथ अष्टद्रव्य से गुरुदेव की पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम का मंच संचालन आशा जैन गंगवाल और आशिका जैन कासलीवाल ने किया। प्रसिद्ध भजन गायक सुबोध जैन गंगवाल ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया। मंत्री नरेंद्र जैन झांझरी ने स्वागत भाषण दिया और उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। विरागोदय वर्षायोग कमेटी के संयोजक, पदाधिकारियों और संपूर्ण जैन समाज ने गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया।

सुयश सागर जी ने बताया वैराग्य और दीक्षा का महत्व

अपने प्रवचन में पूज्य सुयश सागर जी महाराज ने कहा कि संसार असार है। राग से वैराग्य की ओर बढ़ना ही आत्मकल्याण और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है। गुरु बहुत उपकारी होते हैं और लक्ष्य निश्चित हो तो व्यक्ति सही मार्ग तक पहुंच ही जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए दीक्षा का विशेष महत्व है। दीक्षा के माध्यम से ही सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। तत्वों का सही निर्णय एकांत में हो सकता है, भीड़ में नहीं।

गुरुदेव ने कहा कि पुण्य कर्मों के उदय से ही व्यक्ति को मान-सम्मान, यश और वैभव प्राप्त होता है। संसारी व्यक्ति अधिक पाप कर्म अर्जित करता है, जबकि वैरागी व्यक्ति आत्मकल्याण में लीन रहता है। मन, वचन और शरीर को प्रसन्न रखने के लिए उचित प्रयास करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि समय आने पर बीत जाता है, इसलिए अच्छे समय का इंतजार करने के बजाय जीवन के हर पल को आत्मकल्याण, धर्म और सेवा भाव में लगाना चाहिए।

रात में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार जैन अजमेरा ने बताया कि दीक्षा महोत्सव के अवसर पर रात में समाज के बच्चे जैन संत सुयश सागर जी के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। इसके बाद णमोकार चालीसा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में समाजसेवी किशोर जैन पांडया, सुशील जैन छाबड़ा, सुरेश जैन झांझरी, सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सरोज जैन पापड़ीवाल, ललित जैन सेठी, प्रदीप जैन छाबड़ा, रौनक जैन कासलीवाल, सिद्धांत जैन सेठी, शैलेश जैन छाबड़ा, जोंटी जैन काला, लट्टू जैन छाबड़ा, मनीष जैन गंगवाल, ईशान जैन सेठी, कुणाल जैन ठोल्या, निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन सहित जैन समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन समेत अन्य लोगों ने गुरुदेव को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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