रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से महुआजारी पंचायत भवन एवं नवाटांड़ गांव में ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न योजनाओं और ‘जागृति-2025’ तथा पेसा एक्ट की जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान
यह आयोजन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और रांची के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डालसा, अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन तथा डालसा सचिव के नेतृत्व में चलाए जा रहे 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान (चरण-1) के तहत किया गया।
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डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने ‘जागृति-2025’ योजना पर चर्चा करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी रूप से सशक्त बनाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना है। इसके तहत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम (2007) के बारे में शिक्षित करने के साथ-साथ जो बुजुर्ग अदालतों तक नहीं पहुंच सकते, उन्हें घर पर ही मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता दी जाती है। इसके अलावा उन्होंने पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभा के अधिकारों और आदिवासी क्षेत्रों में जल, जंगल व जमीन के संरक्षण की भी जानकारी दी। पीएलवी कालिन्दर गोप और भुप्रताप महतो ने नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया।
घर-घर जाकर सुनी समस्याएं और भरे गए आवेदन
नवाटांड़ गांव में डालसा टीम ने डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया और घर-घर जाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। मौके पर ही प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन योजना, पीएम किसान योजना, पशुपालन शेड योजना, राशन कार्ड, सिंचाई मशीन और लेबर कार्ड से जुड़े आवेदन लिए गए, जिससे लगभग 750 ग्रामीण लाभान्वित हुए। कार्यक्रम में बिनिता कुमारी और सुमाति कुमारी ने मध्यस्थता, लोक अदालत और डालसा की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि पीएलवी संजीत उरांव और निलश्याम कुमार ने प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर मिलने वाली मदद के बारे में बताया। इस दौरान डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा सहित डालसा टीम के कई पीएलवी और ग्रामीण उपस्थित रहे।





