रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत महुआजाड़ी पंचायत भवन और गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को नालसा की ‘डॉन योजना-2025’ सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में करीब 600 ग्रामीण जागरूक हुए।
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यह 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान चरण-1 के तहत आयोजित किया जा रहा है। अभियान झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
नशामुक्ति और पुनर्वास पर दी जानकारी
ग्रामीणों को नालसा की डॉन योजना-2025 के बारे में जानकारी देते हुए पीएलवी कालिन्दर गोप ने बताया कि यह राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की ओर से शुरू की गई राष्ट्रीय विधिक पहल है। इसका उद्देश्य कानूनी सहायता, जन-जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से देश को नशामुक्त बनाने और नशीली दवाओं से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना है। डालसा टीम ने ग्रामीणों को नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी दी। टीम ने बताया कि नालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करना और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाना अभियान का उद्देश्य है।
डोर-टू-डोर पहुंची डालसा की टीम
अभियान के तहत डालसा टीम ने गांव में डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम चलाया। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के घर जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन योजना, पीएम किसान योजना, पशुपालन शेड योजना, राशन कार्ड, सिंचाई मशीन और लेबर कार्ड से संबंधित आवेदन भी लिए गए। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करीब 600 लोग इस अभियान से जागरूक हुए और योजनाओं से लाभान्वित हुए।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
पीएलवी कालिन्दर गोप ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं को जागरूक कर नशे की मांग को खत्म करना अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि युवा छात्र-छात्राओं के लिए नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। कार्यक्रम में डालसा के पीएलवी कालिन्दर गोप और महुआजाड़ी गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।



