रांची : बंगाल की खाड़ी से उठल चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा है। इसका असर झारखंड में भी दिखे लागल है। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने के खतरा को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम के मिजाज को देखते हुए रांची और जमशेदपुर में दो दिन तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी टाटानगर से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ऐसे में लोग-बाग मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें और बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकले से बचें।
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झारखंड सरकार ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के उपायुक्तों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, स्कूलों में दो दिन की छुट्टी
आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य के सभी उपायुक्तों को अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय जिला प्रशासन को किसी भी जरूरत के समय राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। चक्रवात के संभावित असर और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए रांची और जमशेदपुर में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। इससे केजी से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
रेलवे और एयरपोर्ट प्रशासन सतर्क
चक्रवात के मद्देनजर रांची रेलवे डिवीजन और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रशासन भी सतर्क हैं। फिलहाल, रांची रेलवे डिवीजन की ओर से संचालित ट्रेन सेवाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर भी उड़ानें रद्द करने या उनका मार्ग बदलने की कोई घोषणा नहीं हुई है। दोनों विभाग मौसम की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हालात के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।
टाटानगर से गुजरने वाली ट्रेनें रद्द
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने टाटानगर से गुजरने वाली चार ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस और जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित तारीखों पर नहीं होगा। रद्द रहने वाली ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है :
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हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस (18005): 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक रद्द।
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जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (18006): 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक रद्द।
यात्रियों को ट्रेन से सफर करने से पहले परिचालन से संबंधित जानकारी और दिशा-निर्देश जांचने की सलाह दी गई है।
28 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद के अनुसार, चक्रवात का असर झारखंड के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 28 और 29 अक्टूबर को मौसम अधिक खराब होने की आशंका है। इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। अभिषेक आनंद के मुताबिक, 28 अक्टूबर को दक्षिणी और उससे सटे मध्य झारखंड में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी और सिमडेगा के साथ आसपास के इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मध्य झारखंड के रांची, लोहरदगा, गुमला और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम खराब रह सकता है। वहीं, संथाल और पलामू प्रमंडल में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
29 अक्टूबर को इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को झारखंड में चक्रवात का असर अधिक देखने को मिल सकता है। इस दिन कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में येलो अलर्ट जारी किया गया है। संथाल क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। रांची में 28 और 29 अक्टूबर, दोनों दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
चक्रवात के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के कारण कच्चे मकानों और फूस की छतों को नुकसान पहुंच सकता है। कमजोर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिरने का भी खतरा है। लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास रुकने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों और असुरक्षित ढांचों से दूर रहना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण में तट को पार कर रहा है। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में भारी बारिश, जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बनी है। कई ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ा है। झारखंड में भी मौसम में बदलाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।



