नई दिल्ली : नीट पेपर लीक समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देशभर में छात्र पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद में भी इस मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है।
कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर संकेत दिया था कि सरकार पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को सख्त सजा देने वाला कानून लाने जा रही है। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटता है, इसलिए सरकार इस समस्या पर कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जाएगी। इससे पहले उन्होंने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी घोषणा की थी।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस विधेयक को संसद में पेश किए जाने की तैयारी है। वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
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