रांची : राज्य सरकार की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। अवधेश कुमार एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और पीयुष चित्रेष हाईकोर्ट में पक्ष रखेंगे। हालांकि, अभी इन याचिकाओं को हाईकोर्ट में सूचीबद्ध नहीं किया गया है। याचिकाओं की सुनवाई कब होगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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सरकार ने 18 अगस्त की रात लिया था फैसला
बता दें कि 18 अगस्त की देर रात राज्य सरकार ने JSSC-CGL, JPSC 11वीं से 13वीं समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के बीच भी नाराजगी सामने आई है। सबसे अधिक आक्रोश CGL परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर बताया जा रहा है।
CGL से 1932 अभ्यर्थी हुए थे चयनित
JSSC-CGL परीक्षा के जरिए राज्य में 1,932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से विभिन्न पदों पर 342 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इनमें 207 राज्य प्रशासनिक सेवा और 35 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल हैं।
हाईकोर्ट में अब होगी फैसले पर कानूनी लड़ाई
परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ तीन याचिकाएं दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है। फिलहाल याचिकाएं सूचीबद्ध नहीं हुई हैं। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और पीयुष चित्रेष पक्ष रखेंगे।








