Ranchi : झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। बीती रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल लाया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह करीब 4 बजे उनका निधन हो गया।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 12 बजे सुदिव्य कुमार सोनू को दर्द शुरू हुआ। इसके बाद करीब डेढ़ बजे परिजन उन्हें वाहन से अस्पताल लेकर निकले। रास्ते में उन्होंने उल्टी भी की।
पत्नी और बच्चे अस्पताल लेकर पहुंचे
करीब रात 2 बजे सुदिव्य कुमार सोनू को एक निजी अस्पताल लाया गया। उनके साथ पत्नी श्वेता शर्मा, बेटी और बेटा आयुष भी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन सुबह करीब 4 बजे उनका निधन हो गया। मंत्री के निधन की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिजनों और करीबियों के बीच शोक का माहौल बन गया।
डीसी, एसपी समेत कई अधिकारी पहुंचे
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर मिलते ही पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और आम लोग अस्पताल पहुंचने लगे। जिलाधिकारी, एसपी और धनबाद एसएसपी समेत कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। परिजनों पर अचानक दुख का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया उनके लिए सिर्फ वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। वे स्नेह देने, मार्गदर्शन करने और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड आंदोलन के दौर से ही स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
हेमंत सोरेन ने कहा- व्यक्तिगत क्षति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए बार-बार यही महसूस होता है कि जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है। उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति प्रतिबद्धता वह जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
शिक्षा, पर्यटन और खेलकूद विभाग की थी जिम्मेदारी
सुदिव्य कुमार सोनू अपने शांत, सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। सार्वजनिक जीवन में उनका व्यवहार संयमित रहा। लोगों से सहजता से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था।
झारखंड सरकार में सुदिव्य कुमार सोनू के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर एवं आवास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी थी। उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बेहद करीबी साथी माना जाता था। सरकार और संगठन में उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं।



