पटना. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पिलर से टकरा गई। हादसा पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के 90-फीट बाईपास के पास हुआ। दुर्घटना में बाइक सवार तीन युवकों समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी सुधा देवी के मुताबिक, एक मोटरसाइकिल पर तीन युवक सवार होकर जा रहे थे। आरोप है कि बाइक तेज रफ्तार में सड़क की गलत दिशा में चलाई जा रही थी। इसी दौरान एक बुजुर्ग पैदल यात्री उनके रास्ते में आ गए।
‘बुजुर्ग को बचाने में बाइक हुई अनियंत्रित’
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग को बचाने के लिए बाइक सवार ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पिलर नंबर 19 से जा टकराई। टक्कर के बाद बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर गिर गए और कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। हादसे में बुजुर्ग पैदल यात्री भी घायल हो गए।घायलों में राजेंद्र नगर निवासी 19 वर्षीय अक्षय कुमार भी शामिल है। उसके पिता अशोक राम पटना नगर निगम में कार्यरत हैं। घटना के समय वह कचरा संग्रहण की ड्यूटी पर बाहर थे। बेटे के हादसे में घायल होने की जानकारी मिलने के बाद वह घटनास्थल पहुंचे और अक्षय को इलाज के लिए अस्पताल ले गए।एक अन्य घायल की पहचान राघोपुर दियारा निवासी 25 वर्षीय बिपिन के रूप में हुई है। खबर लिखे जाने तक उसके परिवार के सदस्य अस्पताल नहीं पहुंच सके थे।
‘गंभीर घायल को PMCH किया गया रेफर’
एक अन्य घायल युवक को उसके परिजन इलाज के लिए बाईपास स्थित निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। इसके बाद घायल को पीएमसीएच ले जाया गया।हादसे में घायल बुजुर्ग को भी पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
‘पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी’
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलने पर पत्रकार नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस हादसे में शामिल सभी लोगों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी जुटा रही है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की भी जांच कर रही है। साथ ही, इस आरोप की भी पड़ताल की जा रही है कि मोटरसाइकिल तेज रफ्तार में गलत दिशा से आ रही थी और इसी वजह से हादसा हुआ।घायल युवकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पतालों में परिजनों के बीच चिंता का माहौल रहा और वे चिकित्सकों से लगातार अपने परिजनों की स्थिति की जानकारी लेते रहे।








