बिल्डरों और डेवलपरों पर पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन करने का प्रदूषण बोर्ड का बड़ा आदेश

रांची: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्यभर के सभी बड़े प्रोजेक्ट प्रमोटरों, बिल्डरों, डेवलपरों और हाउसिंग सोसाइटियों के लिए पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन करने का नया आदेश जारी किया है। प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी के हस्ताक्षर से जारी

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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रांची: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्यभर के सभी बड़े प्रोजेक्ट प्रमोटरों, बिल्डरों, डेवलपरों और हाउसिंग सोसाइटियों के लिए पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन करने का नया आदेश जारी किया है। प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी के हस्ताक्षर से जारी इस निर्देश के तहत 5,000 वर्गमीटर या उससे अधिक के निर्मित क्षेत्र (बिल्ड-अप एरिया) वाली सभी भवनों और निर्माण परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पर्यावरणीय अनुपालन और ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सहमति और पंजीकरण अनिवार्य
बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक 5,000 वर्गमीटर से बड़े क्षेत्रफल वाली हर निर्माण परियोजना को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना हेतु सहमति (सीटीई) और परिचालन हेतु सहमति (सीटीओ) लेना अनिवार्य है। इसके अलावा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत सभी थोक अपशिष्ट जनित्रों को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से संबंधित स्थानीय निकाय के साथ खुद को पंजीकृत कराना होगा। प्रदूषण बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले प्रमोटरों पर बोर्ड पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।

तय समय सीमा समाप्त होने के बाद बोर्ड किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी संबंधित प्रोजेक्ट प्रमोटरों और बिल्डरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे आगामी 31 दिसंबर तक हर हाल में बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्थापना सहमति और संचालन सहमति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद बोर्ड किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और नियम न मानने वालों पर सीधे नियमसंगत दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
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