रांची : झारखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य की कांग्रेस समर्थित सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का हवाला देते हुए कांग्रेस से सरकार का समर्थन वापस लेने और सीएम हेमंत सोरेन से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
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अमर कुमार बाउरी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी मामलों की जांच CBI से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का लगाया आरोप
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जानकारी दी है कि परीक्षा लीक के मामलों को रोकने से संबंधित विधेयक लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हो गया है। उन्होंने कहा कि पीएम देश की समस्याओं को समझने के साथ उनके समाधान के लिए भी काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में नौकरी बेचने का काम किया जा रहा है। बाउरी ने जूनियर इंजीनियर परीक्षा, JPSC परीक्षा, उत्पाद सिपाही भर्ती और JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान 13 छात्रों की मौत हुई। इसके बावजूद सरकार ने कथित रूप से प्रतिबंधित कंपनी को ही परीक्षाएं कराने का टेंडर दिया। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार केवल भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी नहीं कर रही, बल्कि JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं में अपने लोगों के परिजनों को स्थान दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इसका खामियाजा राज्य के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। बाउरी ने कहा कि संस्थाओं में बैठे लोग अपने परिजनों को परीक्षा में सफल कराकर सरकारी नौकरी दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कथित गड़बड़ियों के विरोध में युवा अब सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
CID जांच पर भी उठाए सवाल
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने 22 जुलाई को JPSC का घेराव किया था। इसके बाद सरकार ने आनन-फानन में CID जांच का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि मामले में कई गिरफ्तारियां हुईं और JPSC के अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दिया। हालांकि, बाउरी ने आरोप लगाया कि सरकार CID जांच के माध्यम से मामले को अलग दिशा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा के मामले में विपक्षी दल एकजुट हुए थे और युवाओं के माध्यम से केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था। बाउरी ने कहा कि आज वही विपक्षी दल झारखंड सरकार में शामिल हैं, इसलिए नैतिकता के आधार पर सीएम हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना चाहिए।
24 जिलों में मशाल जुलूस और धरना
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने सरकार से सभी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच CBI से कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन के पास शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी है, इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा सौंपना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो युवा सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ आवाज उठाने को बाध्य होंगे।
अमर कुमार बाउरी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर गुरुवार को राज्य के सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 1 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की ओर से झारखंड के सभी जिलों में धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं और छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना तथा उनके साथ न्याय सुनिश्चित कराना है। संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के मीडिया सह प्रभारी अजय राय, प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल, रमाकांत महतो और रविनाथ किशोर भी मौजूद रहे।




