नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) की प्रमुख नेहा बोरा और अन्य को गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। दिल्ली के प्रेस क्लब में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोग विरोध करने पहुंच गए। पत्रकारों की भीड़ के बीच अचानक ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ जैसी आवाजें आने लगीं। दीपके ने विरोध में उठी आवाजों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि इन्हें 50-100 रुपये का नोट दे दीजिए। जिसके लिए वे आए हैं। 50-100 रुपये का नोट देकर बाहर कर दीजिए।
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जंतर-मंतर पर अवैध तरीके से घुसने और बेल बॉन्ड के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किए गए सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका के समर्थन में सीजेपी ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराने के लिए जुटने का ऐलान किया है। इसी को लेकर कई स्टूडेंट्स यूनियन और सिविल सोसाइटीज के साथ प्रेस क्लब में जॉइंट कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। बारी-बारी से सभी नेता अपनी बात रख रहे थे। आइसा की प्रमुख नेहा बोरा इससे पहले अपनी बात खत्म कर पातीं, कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पत्रकारों से खचाखच भरे प्रेस क्लब के लॉन से ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ की आवाज आने लगी।
50-100 के नोट के लिए ही ऐसी हरकत
अचानक वहां हंगामा खड़ा हो गया। सभी पत्रकार पीछे की ओर मुड़ गए। नेहा बोरा ने उन्हें शांत करने की कोशिश की। फिर उन्होंने प्रेस क्लब के प्रबंधन से अपील की कि हंगामा कर रहे लोगों को बाहर किया जाए। तभी अभिजीत दीपके ने माइक संभाला और आरोप लगाया कि पैसे के लिए ऐसा करने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा, ‘इनको 50-100 का नोट दे दीजिए। इसलिए वे आए हैं। प्रेस क्लब वालों से कहता हूं कि इन्हें 50-100 का नोट देकर बाहर कर दीजिए। 50-100 के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं।’ नेहा ने कहा- उन्हें एक कोने में ऐसा करने दीजिए आप लोग कवर करिए। वो स्टूडियो में जो सीखते हैं वही यहां कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए जनता से जंग: दीपके
अभिजीत दीपके ने एक बार फिर केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र माेदी पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा, ‘जब से यह खुलासा हुआ है कि ज्ञानेश कुमार किसी की नहीं सुन रहे हैं, सिर्फ अपने पॉलिटिकल मास्टर की सुन रहे हैं। तब से तानाशाह नरेंद्र मोदी ने सिस्टम की सारी मशीनरी ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगा दी है।
पिछले 10 दिनों से सारे युवा लड़ रहे हैं उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। एक ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए। नेता विपक्ष को भी हिरासत में लिया गया, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल जैसे पूर्व सीएम को भी हिरासत में लिया गया। 10 अक्टूबर के कॉल के लिए… शायद देश में पहली बार रेलवे बंद कर दिए गए, एक ज्ञानेश कुमार के लिए, दिल्ली के मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, जम्मू-कश्मीर और नक्सली इलाकों से फोर्स बुला ली, एक ज्ञानेश कुमार के लिए। अपने ही लोगों के खिलाफ जंग छेड़ दी। जंतर-मंतर पर जब आशुतोष और सौरभ गए तिरंगा लहराने के लिए उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। ज्ञानेश कुमार क्या दे रहा है नरेंद्र मोदी को? दिल्ली को इंडिया पाकिस्तान के बॉर्डर जैसा बना दिया।




