रांची: स्वामी दिव्यानंद जी महाराज प्रदेश संरक्षक अखिल भारतीय संत समिति के नेतृत्व में, अनकों साधू-संत-महात्मा आज काशी बनारस के लिए रवाना हुए। जिसमेंस्वामी दिव्यानंद जी महाराज, स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, स्वामी आत्मानंद पुरी, स्वामी हंसानंद गिरि, वीरेंद्र विमल, महेंद्र गिरी जी शामिल हैं।
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अखिल भारतीय संत समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं काशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में गंगा महासभा के तत्वाधान में, 02 नवंबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में, राष्ट्र की एकता एवं अखंडता हेतु संतो द्वारा महारुद्राभिषेक किया जाएगा। तत्पश्चात दिनांक 3,4 एवं 5 नवंबर को रुद्राक्ष सम्मेलन केंद्र, वाराणसी में संस्कृति संसद ऐतिहासिक रूप से आयोजित होगा।इस सम्मेलन में पूरे देश भर के सभी प्रांतों से चयनित, नाम-चिन साधू-संत-महात्मा शामिल होंगे।
संस्कृति संसद में मुख्य रूप से चर्चा
संस्कृति की, चिंतन राष्ट्र का” सनातन संस्कृति का संरक्षण, हिंदू हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रनिष्ठ, संतो तथा सक्रिय नागरिकों का साझा मंच प्रदान करना के अलावा चर्चाओं संवादों एवं कार्यशालाओं के द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श कर जन जागरण करना, भारत के भविष्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न भू राजनीतिक विषयों पर गंभीर चिंतन करना, हिंदू धर्म के विरुद्ध राजनीतिक एवं धार्मिक षडयंत्रों पर चिंतन कर सनातन एकता एवं संगठन को सुदृढ़ करना, ज्ञान एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा विचार विमर्श के माध्यम से सतत सहयोग हेतु संकल्पित और संगठित होना, भारतीय धर्म शास्त्रों के मूल पाठ के प्रक्षेप और पाठ परिवर्तन की शोध परक जांच, भारत के सामाजिक सांस्कृतिक मूल्य संस्कार और युवा चिंतन (Zen.z)। त्यादि विषयों पर मंथन किया जाएगा।


