धनबाद: टुंडी प्रखंड के जाताखूंटी पंचायत अंतर्गत चरक ढोंगाबेड़ा गांव में एक बार फिर जंगली हाथियों के झुंड ने भारी तबाही मचाई है। करीब 35 जंगली हाथियों के दल ने गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हाथियों के हमले में करीब एक दर्जन घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। वहीं खेतों में खड़ी धान और मकई की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बुजुर्ग को घर से निकालकर 200 मीटर दूर फेंका
हमले के दौरान हाथियों ने 65 वर्षीय मोती मोहली के घर को तोड़ दिया। बताया गया कि हाथियों ने बुजुर्ग को घर से बाहर निकालकर करीब 200 मीटर दूर ले जाकर फेंक दिया। इस घटना में उनका पैर टूट गया। घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
वन विभाग ने नहीं उठाया फोन, BDO ने भेजी मदद
ग्रामीणों के मुताबिक, घटना की रात वन विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री दिनेश सिंह और स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेम्ब्रम समेत ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद BDO विशाल पांडेय ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन की दो गाड़ियां मौके पर भेजीं।
6 घंटे चला धरना, आश्वासन के बाद शांत हुए ग्रामीण
वन विभाग की कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर घटनास्थल पर ही धरना शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने और तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया।
हाथियों के लगातार बढ़ते उत्पात से ग्रामीणों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथियों से सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।


