उज्जैन : महाकाल मंदिर परिसर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह दर्शन के लिए लगी कतार में करंट फैलने की अफवाह के बाद अचानक भगदड़ मच गई। नीलकंठ द्वार के पास हुई इस भगदड़ में करीब छह श्रद्धालु घायल हो गए। इसके अलावा हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। सभी घायलों और बीमार श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
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अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं की स्थिति
घटना के तुरंत बाद घायलों को इलाज के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। घायलों में हिंदूबाई (निवासी ढांचा भवन उज्जैन), सागर (19 वर्ष, निवासी किशनपुरा उज्जैन), लक्ष्मीबाई (निवासी ढांचा भवन उज्जैन), अनसूया और उनकी मां ममता (निवासी गंजबासौदा), हरिश्चंद्र (निवासी ग्राम सिलवासा, वापी गुजरात), सोनम (18 वर्ष, निवासी ग्वालियर), सुजीत कुमार (निवासी दरभंगा बिहार), खुशी (निवासी ग्वालियर) तथा तुलसी और उनकी मां रेखाबाई (निवासी वलसाड गुजरात) शामिल हैं। भगदड़ के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। भीड़ के दबाव और अफरा-तफरी के कारण कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
ग्वालियर से दर्शन करने आए सुरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि वे अपनी भतीजी सोनम राणा के साथ रात से ही लाइन में लगे थे, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वीआईपी श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे थे और आम श्रद्धालुओं को बार-बार रोका जा रहा था। जब अचानक भक्तों को छोड़ा गया, तो धक्का-मुक्की के हालात बन गए, जिससे एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद तैनात पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल भिजवाया। वहीं अस्पताल में भर्ती एक श्रद्धालु की मां मीनू ने बताया कि यह घटना हरसिद्धि चौराहे पर हुई। जब उनका बेटा नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, तभी वह बैरिकेड के नीचे आ गया और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रशासन ने क्या कहा?
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को तुरंत संभाला। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध और व्यवस्थित करने के प्रयास किए गए। फिलहाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और प्रशासन तथा सुरक्षाकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।








