कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार सुबह ट्रेनिंग उड़ान के दौरान चार सीटर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्था पुरवा इलाके में गंगा बैराज के पास हुए हादसे में विमान सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। विमान के जमीन पर गिरते ही तेज आवाज हुई, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने इलाके को घेरकर राहत-बचाव और जांच की कार्रवाई शुरू कर दी।
कानपुर कैंट से भरी थी उड़ान
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:20 बजे कानपुर कैंट क्षेत्र से उड़ान भरी थी। चार सीटर विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर था। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान नत्था पुरवा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होकर जमीन पर गिर गया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके को सुरक्षित किया।
कर्नाटक और गुजरात के रहने वाले थे दोनों पायलट
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलटों की पहचान अभिषेक पुजारी, निवासी कर्नाटक और सुमित भाटिया, निवासी गुजरात के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों पायलटों की हादसे में मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की सूचना उनके परिजनों और संबंधित अधिकारियों को भी दी जा रही है।
टेकनम कंपनी का बताया जा रहा विमान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान टेकनम (Tecnam) कंपनी का बताया जा रहा है। हालांकि, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू
विमान दुर्घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। घटनास्थल से जरूरी जानकारी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
विमान ने उड़ान भरने के बाद किन परिस्थितियों में नियंत्रण खोया और हादसा किस वजह से हुआ, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। संबंधित विमानन अधिकारियों को भी दुर्घटना की जानकारी दी गई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घटनास्थल पर राहत-बचाव और आवश्यक कार्रवाई पूरी करना है, जबकि हादसे की वजह की जांच जारी है।



