रांची: फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य में निबंधन कार्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है। चैंबर ने विशेष रूप से प्रतिबंधित मौजों, खातों एवं भू-खण्डों और एनजीडीआरएस पोर्टल की तकनीकी समस्या का मुद्दा उठाया है। चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि राज्य में कई मौजों को पूर्व में प्रतिबंधित किया गया था। इनमें से कुछ मौजों को बाद में प्रतिबंधमुक्त किया गया, जबकि कुछ अभी भी जांच के दायरे में लॉक हैं। चैंबर ने मांग की है कि जिन खातों और भू-खण्डों से संबंधित दस्तावेज सही पाए जाते हैं, उनका आवश्यक सत्यापन कर उन्हें प्रतिबंधित सूची से हटाया जाए। चैंबर का कहना है कि किसी एक खाते की जांच के कारण पूरे मौजे को प्रतिबंधित करने से बड़ी संख्या में वैध भूमि लेन-देन प्रभावित होते हैं।
प्रतिबंध को खाते या भू-खण्ड तक सीमित करने की मांग
चैंबर ने विभाग से आग्रह किया कि यदि किसी खाते या भू-खण्ड को लेकर जांच चल रही है, तो प्रतिबंध उसी खाते अथवा भू-खण्ड तक सीमित रखने की व्यवस्था की जाए। इससे जांच की प्रक्रिया भी जारी रह सकेगी और अन्य वैध भूमि लेन-देन अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं होंगे। चैंबर के अनुसार, व्यापक स्तर पर मौजे को प्रतिबंधित किए जाने से ऐसे भू-खण्डों के मालिक और खरीदार-विक्रेता भी प्रभावित होते हैं, जिनके दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं।
एनजीडीआरएस पोर्टल करीब एक सप्ताह से डाउन
पत्र में चैंबर ने एनजीडीआरएस पोर्टल के लगभग एक सप्ताह से डाउन रहने पर भी गंभीर चिंता जताई है। चैंबर ने कहा कि पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण राज्य में निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे आम नागरिकों, क्रेता-विक्रेताओं और निबंधन कार्य से जुड़े व्यवसायियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चैंबर ने यह भी कहा कि निबंधन प्रक्रिया बाधित होने से राज्य सरकार के राजस्व संग्रह पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। चैंबर ने विभाग से आग्रह किया है कि एनजीडीआरएस पोर्टल की तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि राज्य में निबंधन कार्य सुचारु रूप से दोबारा संचालित हो सके और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिले।








