नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी, दुनिया में लहरा रहा भारत का परचम
-नरेंद्र मोदी ने गरीबों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों ने उनका किया केवल इस्तेमाल
-झारखंड सरकार के पास 6 वर्षों में एक काम भी गिनाने लायक नहीं
-झारखंड अराजक दौर से गुजर रहा, राज्य के वरिष्ठ मंत्री को अवैध खनन के खिलाफ खुद छापामारी के उतरना पड़ रहा
-केंद्र सरकार द्वारा भेजे जा रहे विकास के पैसे पर डाका डाल रही है झारखंड सरकार
-झारखंड में हर काम में वसूली, 15 डिसमिल जमीन के म्यूटेशन के लिए वसूले जा रहे 15 लाख
रांची। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नरेंद्र मोदी के शासनकाल के 12 वर्षों को ऐतिहासिक और स्वर्णिम बतलाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाया एवं सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के नारे को धरातल पर उतारने का काम किया है। श्री साहू ने पलामू में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही।
प्रदेश अध्यक्ष साहू ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने शपथ लिया था तब उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, शोषित, वंचित सभी वर्गों, सभी समाज के लिए समर्पित रहेगी। तब से लेकर आज तक 12 वर्षों में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक और उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का ध्येय है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे और हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान हो, इसी मूल मंत्र के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय एवं अटल बिहारी वाजपेई के सपने को नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। इन 12 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी गई है, पूरी दुनिया में भारत का परचम लहरा रहा है, भारत की ओर आज पूरा विश्व आशा भरी निगाहों से देख रहा है, यही तो बदलता भारत है। नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, वह देश के हर नागरिक का संकल्प है, इसे हम सभी मिलकर पूरा करेंगे।
श्री साहू ने कहा कि 2014 से पहले और 2014 के बाद देश की स्थिति में आए बदलाव की तुलना करने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाता है कि मोदी सरकार ने क्या-क्या क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। देश आजाद होने के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने गरीबों एवं वंचितों की सुधि ली है। कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नरेंद्र मोदी ने देश के हर गांव के हर दरवाजे तक दस्तक देने का काम किया है। पहले भी कई सरकारें आई परंतु किसी ने गांव-गरीबों की चिंता नहीं की। केवल वोट बैंक के रूप में इनका इस्तेमाल किया गया। गरीबों का दर्द एक गरीब का बेटा ही समझ सकता है। जिस प्रकार का कार्य नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है, ऐसा ही कार्य पूर्ववर्ती सरकारें करती तो देश आज किस बुलंदी पर होता, यह समझा जा सकता है।
श्री साहू ने कहा कि पूरे देश में 2014 से पहले अराजकता चरम पर थी। महिलाओं-बहनों के साथ खुलेआम अत्याचार होता था। कश्मीर में आतंकवादियों का दुस्साहस किसी से छुपा नहीं है। देश में सीरियल बम ब्लास्ट आम बात थी। मोदी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण आतंकवाद हो या नक्सलवाद, आज इस पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। आखिर 2014 के पहले किसके इशारे पर ऐसी घटनाएं होती थी ? आज देश तो वही है परंतु ऐसी घटनाएं क्यों नहीं हो रही है ? नेतृत्व और इच्छा शक्ति मजबूत हो तो कोई भी दुश्मन आंख नहीं दिखा सकता है।
श्री साहू ने कहा कि नरेंद्र मोदी के लिए देश की 140 करोड़ की जनता उनके परिवार के सदस्य के समान हैं। नरेंद्र मोदी सबकी चिंता करते हैं तो जनता भी प्रधानमंत्री को इतना ही प्यार देती है। लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर जनता ने साबित कर दिया कि जनता भी मोदी की उतनी ही चिंता करती है। जनता का ही आशीर्वाद है कि नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बनने वाले पहले पीएम बन गए हैं।
श्री साहू ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद झारखंड में भी क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। नरेंद्र मोदी की सरकार ने झारखंड को भी दिल खोलकर सौगात देने का काम किया है। पलामू सहित कई शहरों की पहले क्या स्थिति थी। रात में टापू बन जाता था। अपराध चरम पर था। गांव की महिलाएं गैस नहीं देख पाई थीं। भूख लगने पर लोग पेट में गमछा बांधकर पेट के बल सो जाते थे। बीमार पड़ने पर लोग कराहकर मरने को विवश थे। नल जल योजना के माध्यम से गांव में पेयजल की चिंता नरेंद्र मोदी की सरकार ने की। परंतु विडंबना यह है कि नल जल योजना में झारखंड में भारी लूट खसोट जारी है। इस योजना में झारखंड पूरे देश में नीचे से दूसरे पायदान पर है। कितनी दुख की बात है कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए पैसा भेजती हैं और झारखंड सरकार इन पैसों पर डाका डालने का काम करती है। आज हरिहरगंज की सड़के विकास की नई गाथा बता रही है। क्या पलामू में ऐसी सड़के पहले नहीं बन सकती थी ? नरेंद्र मोदी के पास विजन है, इसलिए यह सब परिवर्तन संभव हो पाया है।
श्री साहू ने कहा कि झारखंड सरकार के पास अपने 6 वर्षों के कार्यकाल में 6 काम तो छोड़ दीजिए, एक काम भी गिनाने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड अराजक दौर से गुजर रहा है। राज्य के पदाधिकारी मंत्री तक की बात को अनसुना करते हैं। इस इलाके के वरिष्ठ मंत्री को अवैध खनन के खिलाफ खुद छापामारी के लिए सड़क पर उतरना पड़ता है। सवाल है कि आखिर कौन सरकार चल रहा है ? क्या इसी प्रकार की झारखंड की कल्पना की गई थी?
श्री साहू ने कहा कि राज्य में अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन तक पर आफ़त है। रघुवर दास की सरकार ने मेडिकल कॉलेज खोलने का मार्ग प्रशस्त किया, आज उसकी क्या हालत है, बतलाने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार एक ओपीडी तक नहीं चला पा रही है। पूरे प्रदेश में बालू को लेकर हाहाकर मचा हुआ है। राज्य से हाईवा के माध्यम से दूसरे राज्य में अवैध बालू तो माफियाओं द्वारा भेजा जा सकता है लेकिन गांव के लोग अगर घर बनाने के लिए बालू लाते हैं तो उन पर पुलिस का डंडा चलता है। सिंचाई की दयनीय स्थिति है। किसान के धान खरीद के पैसे का तक का भुगतान सरकार नहीं कर पा रही है। किसानों के धान वापस कर दिए जा रहे हैं। राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बहुत भयावह है। 6 वर्षों में 10000 से अधिक दुष्कर्म हुए हैं। राजधानी में दिनदहाड़े प्रतिष्ठानों में घुसकर डाके डाले जा रहे हैं, सरेआम हत्याएं हो रही है। पूरा राज्य दहशत में जी रहा है। जमीन के म्यूटेशन में खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं। 15 डिसमिल जमीन के म्यूटेशन के लिए 15 लाख तक वसूले जा रहे हैं। अंचल और ब्लॉक में बिना पैसे का कोई काम नहीं होता है।
श्री साहू ने मीडिया से भी आग्रह किया कि आप लोग समाज के दर्पण हैं। आप सबों की भी जिम्मेवारी बनती है कि सरकार की कमियों को निष्पक्षता से जनता के सामने उजागर करें।
प्रेसवार्ता में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह, सांसद बीडी राम, विधायक शशिभूषण मेहता, प्रभारी शशिभूषण भगत, मेयर अरुणा शंकर, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, श्याम नारायण दुबे, बिपिन बिहारी सिंह आदि उपस्थित रहे।




