नई दिल्ली : तमिलनाडु के CM सी विजय जोसेफ ने सोमवार को राज्य विधानसभा में फसल कर्ज माफी योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के साथ ही योजना की कुल वित्तीय मदद बढ़कर 6,220 करोड़ रुपये हो गई है। सरकार के इस कदम से राज्यभर के करीब 13.34 लाख किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
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CM ने विधानसभा में क्या कहा?
विधानसभा को संबोधित करते हुए CM विजय जोसेफ ने कहा कि उनकी सरकार अपने 100 दिन पूरे करने के करीब है और वह ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका को लेकर अपनी प्रतिबद्धताओं पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों और कृषि क्षेत्र की भलाई तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। CM ने कहा, “अगर तमिलनाडु की जनता हमारी जिंदगी है, तो किसान हमारी जीवनरेखा हैं। किसानों की रोजी-रोटी की रक्षा करना, उनका कर्ज का बोझ कम करना और खेती को मजबूत बनाना इस सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।”
योजना पर कुल कितना खर्च आएगा?
नई घोषणा के अनुसार, जिन किसानों ने सहकारी बैंकों से 75 हजार रुपये तक का फसल कर्ज लिया है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। वहीं, 75 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक के कर्ज पर अधिकतम 75 हजार रुपये की माफी दी जाएगी। इस व्यवस्था से 2,38,264 किसानों को 40 हजार रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। 1 लाख रुपये से अधिक के कर्ज पर 35 हजार रुपये की तय माफी का प्रावधान रखा गया है।
कर्ज माफी की इस बढ़ी हुई व्यवस्था से योजना का बजट 953.06 करोड़ रुपये और बढ़ गया है, जिससे अब कुल खर्च 6,220 करोड़ रुपये हो जाएगा। CM ने जानकारी दी कि 31 जुलाई तक 5,267 करोड़ रुपये की राशि सीधे 13.34 लाख किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। योजना की पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि 25 मई को सरकार बनने के 15 दिनों के भीतर सबसे पहले 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ किए गए थे। इसके बाद किसान संगठनों के साथ हुई चर्चा के बाद 19 जून को इस योजना का दायरा पहली बार बढ़ाया गया था।








