नई दिल्ली : हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष धार्मिक महत्व है। हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह पावन व्रत रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए उपवास रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर हरे वस्त्र पहनती हैं, मिट्टी की शिव-पार्वती मूर्ति बनाकर पूजा-अर्चना करती हैं और झूला झूलती हैं। इस साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 और 15 अगस्त दोनों दिन पड़ने के कारण तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
हरियाली तीज 2026 की सही तिथि और मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। शास्त्रों में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से दोपहर 1 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। शाम को गोधूलि मुहूर्त 7 बजकर 6 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक और अमृत काल रात 8 बजकर 18 मिनट से 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
चौघड़िया मुहूर्त और बन रहे शुभ योग
पूजा-अर्चना के लिए दिन के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे :
शुभ (उत्तम) : सुबह 7:29 बजे से 9:08 बजे तक
लाभ (उन्नति) : दोपहर 2:04 बजे से 3:43 बजे तक
अमृत (सर्वोत्तम) : दोपहर 3:43 बजे से शाम 5:22 बजे तक
इस साल हरियाली तीज पर बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। दिन भर रवि योग रहेगा, जबकि सुबह 7 बजकर 8 मिनट तक शिव योग के बाद सिद्ध योग शुरू होगा। इसके अलावा ग्रहों की विशेष स्थिति से बुधादित्य, हंस राजयोग, गुरु-आदित्य और त्रिग्रही योग का भी निर्माण हो रहा है।
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