रांची : JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को राजधानी रांची में आयोजित छात्रों का महा-आंदोलन बेहद निर्णायक और उग्र मोड़ पर पहुंच गया। राज्य के सभी 24 जिलों से तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे हजारों छात्रों का हुजूम सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए नए विधानसभा भवन के करीब पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले (Tear Gas Shells) दागने पड़े। इसके बावजूद अभ्यर्थी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे और मौके पर डटे रहे।
Read More : रांची में छात्र प्रदर्शन के दौरान पथराव, एक पुलिसकर्मी घायल
7-8 बैरिकेड्स तोड़े, लाठीचार्ज में छात्र व पुलिसकर्मी घायल
सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह मार्च योगदा कॉलेज के पास पहुंचते ही हिंसक झड़प में बदल गया। अभ्यर्थियों ने वहां लगाए गए लगभग 7 से 8 बैरिकेड्स तोड़ डाले। पुराने विधानसभा के पास बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्रों को चोटें आईं। एक छात्र का सिर फटने पर साथी अभ्यर्थियों ने गमछे से उसकी पट्टी बांधी। वहीं, भीड़ की तरफ से हुई पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पूरी सड़क जूते-चप्पलों से पट गई।
‘दुश्मन देश जैसा व्यवहार न करे प्रशासन’: देवेंद्रनाथ महतो
जेएलकेएम (JLKM) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन स्थल से कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि प्रशासन ने जिस तरह से कंटीले तारों (Barbed Wires) से बैरिकेडिंग की है, उससे ऐसा महसूस हो रहा है मानो छात्र नहीं बल्कि किसी दुश्मन देश के लोग आ रहे हों। उन्होंने स्पष्ट ऐलान किया कि अब इस मुद्दे पर किसी प्रशासनिक अधिकारी से नहीं, बल्कि सीधे CM हेमंत सोरेन से ही वार्ता होगी।
200 मीटर दूर सड़क पर बैठे छात्र, जयराम महतो ने संभाली कमान
तनावपूर्ण स्थिति के बीच छात्र नेता व विधायक जयराम महतो ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उनके समझाने-बुझाने के बाद उग्र हो रहे छात्र शांत हुए और विधानसभा से महज 200 मीटर दूर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। हालाँकि कुछ छात्र सुरक्षा घेरे को चकमा देकर विधानसभा परिसर के भीतर तक प्रवेश करने में सफल रहे और वहीं बैठकर अपना विरोध दर्ज कराते रहे। प्रशासन की ओर से छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और हिंसा न फैलाने की लगातार अपील की जा रही है।




