रांची : कई बार किसी घर या वर्कप्लेस में प्रवेश करते ही एक अलग तरह की ऊर्जा का अनुभव होता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, किसी स्थान की बनावट, दिशा और वहां रखी वस्तुएं उसके आसपास के वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि किसी घर या कार्यस्थल का वास्तु अनुकूल होने पर वहां रहने या काम करने वाले लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं, वास्तु में संतुलन न होने से आसपास का वातावरण प्रभावित हो सकता है और नकारात्मकता का अनुभव हो सकता है। वास्तु शास्त्र में घर और वर्कप्लेस को व्यक्ति की सोच, कार्यशैली और जीवन में मिलने वाली सफलता से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर में कुछ दिव्य मूर्तियां श्रद्धा और उचित भावना के साथ रखने से सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली, शांति और तरक्की को बढ़ावा मिल सकता है। आइए जानते हैं ऐसी तीन मूर्तियों के बारे में।
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हाथी की मूर्ति को माना जाता है शुभ
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के प्रवेश द्वार या घर के भीतर सफेद हाथी की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि यह मूर्ति घर में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और खुशहाली बनाए रखने में सहायक हो सकती है। हाथी को भगवान गणपति का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि हाथी की मूर्ति घर के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाने और आसपास के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में मदद करती है। इस मूर्ति को वर्कप्लेस या ऑफिस डेस्क पर भी रखा जा सकता है। वास्तु के अनुसार, इसे कार्यस्थल पर रखने से सफलता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।
गरुड़ की मूर्ति साहस और सुरक्षा का प्रतीक
गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन हैं। वैदिक ग्रंथों में उन्हें साहस, शक्ति और बाधाओं से ऊपर उठने की क्षमता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ की मूर्ति घर से नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने में सहायक मानी जाती है। मुख्य द्वार पर गरुड़ की मूर्ति लगाने से घर के लोगों में साहस और शौर्य की भावना बढ़ने का विश्वास है। यह भी माना जाता है कि गरुड़ की मूर्ति आसपास की रुकी हुई ऊर्जा को दूर कर घर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकती है। हालांकि, ये मान्यताएं वास्तु परंपराओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित हैं।
कछुए की मूर्ति से जुड़ी है समृद्धि की मान्यता
वास्तु शास्त्र में घर में कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना गया है। मान्यता है कि यह घर के वास्तु दोषों को दूर करने में मदद कर सकती है और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। ऐसा विश्वास है कि कछुए की मूर्ति रखने से घर में धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है। कछुए को भगवान विष्णु के अवतार के रूप में भी पूजा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कछुए की मूर्ति घर या वर्कप्लेस, दोनों स्थानों पर रखी जा सकती है। इसे नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखने वाला माना जाता है।
वास्तु परंपराओं के अनुसार, हाथी, गरुड़ या कछुए की मूर्ति में से किसी एक को भी श्रद्धा और उचित भावना के साथ घर या कार्यस्थल पर रखा जा सकता है। हालांकि, इनसे जुड़े प्रभाव धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और जनहित के उद्देश्य से साझा की गई है। इसमें बताए गए उपाय, लाभ, सलाह और कथन विभिन्न ज्योतिषियों, पंचांगों, धार्मिक ग्रंथों, प्रवचनों, मान्यताओं और अन्य स्रोतों पर आधारित हैं। JH Live इन बातों की सत्यता या प्रभाव की पुष्टि नहीं करता हैं।




