पिठोरिया में शिव महोत्सव सह 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु

कांके/पिठोरिया : पवित्र सावन मास के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नवाटोली बाड़ू स्थित सेवाकेंद्र में शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को ‘शिव महोत्सव सह 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला’ का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि ‘दीप कॉउचर’ की संचालिका दीपा बंका ने फीता काटकर

12 ज्योतिर्लिंग दर्शन

कांके/पिठोरिया : पवित्र सावन मास के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नवाटोली बाड़ू स्थित सेवाकेंद्र में शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को ‘शिव महोत्सव सह 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला’ का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि ‘दीप कॉउचर’ की संचालिका दीपा बंका ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में ‘रिलेशंस’ के निदेशक आशुतोष द्विवेदी और वरिष्ठ समाजसेवी संपत्ति देवी (मुन्नी जी) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सेवाकेंद्र संचालिका बीके राजपति बहन ने सभी अतिथियों का ईश्वरीय सौगात भेंट कर स्वागत किया।

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12 ज्योतिर्लिंगों के समक्ष हुई महाआरती

उद्घाटन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 12 ज्योतिर्लिंगों के समक्ष महाआरती की गई। मेला परिसर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और शिव भजनों से भक्तिमय वातावरण बन गया। महाआरती के बाद उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। पिठोरिया और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए पहुंचे।

सावन को बताया आत्म-शुद्धि का समय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके राजपति बहन ने सावन मास और भगवान शिव के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सावन का महीना आत्म-शुद्धि और परमात्मा से जुड़ने का उत्तम समय है। भगवान शिव कल्याणकारी हैं और यदि मनुष्य शांति, त्याग, संयम तथा आत्म-नियंत्रण जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाए, तो जीवन की अनेक विषमताओं से मुक्ति पा सकता है। उन्होंने बताया कि मेले का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ना है।

कार्यक्रम में संपत्ति देवी, लीला देवी, कविता सेन, उर्मिला देवी, कौशल्या देवी, मंजू देवी, बिरसमणी माता, सोनामती देवी, जोनी माता, सुमिता देवी, फुलेरा माता, सरोज माता, इंद्रा देवी, संजू देवी, शीला देवी, कुसुम देवी, अनिता देवी, किरण देवी, सुशील देवी, सपननिवास, रामनिवास भाई, दुःख भाई, दीपक दास, प्रमोद प्रसाद, सुनील गाड़ी, महादेव, श्याम भाई, रीना देवी, सुमन कुमारी और आरती देवी सहित सैकड़ों माताएं, बहनें एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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