रांची। राजधानी में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को रांची नगर क्षेत्र के सात वार्डों में विशेष डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया।
अभियान के दौरान 166 घरों और 1,246 पानी रखने वाले बर्तनों की जांच की गई। जांच में 29 घरों तथा 38 बर्तनों में एडीज मच्छर के लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल लार्वा नष्ट कराने के साथ लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में 76 घरों की जांच की गई, जिनमें 16 घरों में डेंगू के लार्वा मिले। इन वार्डों में 680 बर्तनों की जांच के दौरान 25 बर्तनों में लार्वा पाया गया। वहीं, वार्ड संख्या 5, 16, 27 और 28 में 90 घरों की जांच में 13 घर तथा 566 बर्तनों की जांच में 13 बर्तनों में लार्वा मिला।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाई और कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर तथा अन्य जलजमाव वाले स्थानों का निरीक्षण किया।
लोगों को सप्ताह में एक दिन ”ड्राई डे” मनाने, पानी जमा नहीं होने देने तथा घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि जिले में प्रतिदिन अलग-अलग सात वार्डों में डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है, ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से लें सलाह
उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी साधनों का नियमित उपयोग करें और अपने घरों के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और जनजागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि राजधानी को डेंगू मुक्त बनाया जा सके।




