मैक्लुस्कीगंज में 50 होमस्टे होंगे विकसित, पर्यटन मंत्री ने बताई सरकार की बड़ी योजना

मैक्लुस्कीगंज : झारखंड सरकार ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और ‘गोरों का गांव’ के नाम से पहचान रखने वाले मैक्लुस्कीगंज को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के

मैक्लुस्कीगंज

मैक्लुस्कीगंज : झारखंड सरकार ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और ‘गोरों का गांव’ के नाम से पहचान रखने वाले मैक्लुस्कीगंज को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू गुरुवार को मैक्लुस्कीगंज पहुंचे और डाक बंगला में एंग्लो-इंडियन समुदाय तथा स्थानीय ग्रामीणों के साथ पर्यटन विकास को लेकर विस्तृत बैठक की।

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इस दौरान मंत्री का स्वागत अंचलाधिकारी प्रणव अम्बष्ट, खलारी इंस्पेक्टर राम कुमार वर्मा, मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा, पुतुल देवी, पुष्पा खलखो, जितेंद्र नाथ पांडे तथा एंग्लो-इंडियन समुदाय के एशले गोम्स, डेनिश मेरेडिथ, किटी टेक्सरा, नेल्सन पॉल गॉर्डन, लेजली मेरेडिथ और अनिल गंझू ने पुष्पगुच्छ देकर किया।

पहले चरण में बनेंगे 50 होमस्टे

बैठक में मंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी होमस्टे योजना की जानकारी देते हुए कहा कि पहले चरण में 50 होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इच्छुक परिवार अपने घरों के खाली कमरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त होमस्टे के रूप में तैयार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कमरे के लिए 4 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण पर लगने वाला पूरा ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि लाभुकों को केवल मूल राशि आसान किस्तों में चुकानी होगी। समय पर भुगतान करने पर सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। योजना के तहत गोल्ड श्रेणी में चार और डायमंड श्रेणी में छह कमरों तक के होमस्टे विकसित किए जा सकेंगे। सभी चयनित होमस्टे झारखंड पर्यटन की वेबसाइट पर सूचीबद्ध किए जाएंगे, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

विरासत संरक्षण के साथ पर्यटन विकास पर जोर

मंत्री ने कहा कि होमस्टे का निर्माण विक्टोरियन शैली और एंग्लो-इंडियन स्थापत्य की विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को मैक्लुस्कीगंज की ऐतिहासिक विरासत का वास्तविक अनुभव मिल सके। सरकार क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और मैक्लुस्कीगंज पाथवे के उन्नयन पर भी कार्य करेगी।

उन्होंने नकटा पहाड़ पर ग्लास (शीशा) ब्रिज बनाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई और कहा कि स्थानीय लोगों की सहमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों का भी चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित लाभुकों को पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी प्रबंधन का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सफल होमस्टे संचालन की व्यवस्था को समझने के लिए मेघालय का अध्ययन भ्रमण भी कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले वर्ष मैक्लुस्कीगंज दौरे के बाद सरकार ने क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार की थी। दूसरे दौरे में पहले चरण की योजनाओं का खाका स्थानीय लोगों के सामने रखा गया है। सरकार का उद्देश्य मैक्लुस्कीगंज की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षक और रोजगार सृजन करने वाले प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

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