रांची : रांची पुलिस ने समाज को जागरूक करने और तथ्य सामने लाने में मीडिया की स्वतंत्रता तथा उसकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की है। पुलिस ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में मीडिया हमेशा से पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। हालांकि, हाल के कुछ मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन ने चिंता भी व्यक्त की है।
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रांची पुलिस के अनुसार, उसके संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों द्वारा चल रही पुलिस जांच से जुड़ी संवेदनशील और बारीक जानकारियां सार्वजनिक की जा रही हैं। इनमें पुलिस की संभावित कार्रवाई, संदिग्धों के नाम, छापेमारी के संभावित स्थान और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से संबंधित विवरण शामिल हैं।
जांच और कार्रवाई पर पड़ सकता है असर
पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस प्रकार की गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक होने से जांच की दिशा और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। साथ ही आरोपियों को पुलिस की रणनीति की जानकारी मिल जाती है, जिससे उनके सतर्क होकर फरार होने या साक्ष्य नष्ट करने की आशंका बढ़ जाती है। रांची पुलिस ने यह भी कहा कि समय से पहले संवेदनशील सूचनाएं सार्वजनिक होने से गवाहों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मीडिया से सहयोग की अपील
रांची पुलिस ने सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी अप्रमाणित या संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें, जिससे पुलिस की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने आश्वस्त किया कि समय-समय पर आधिकारिक चैनलों और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से प्रमाणित और सही जानकारी उपलब्ध कराई जाती रहेगी। साथ ही न्याय सुनिश्चित करने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मीडिया से निरंतर सहयोग की अपेक्षा भी जताई गई।




