विवेकानंद अस्पताल पर समय पर इलाज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
रांची। राजधानी रांची स्थित विवेकानंद अस्पताल पर समय पर इलाज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए समाजसेवी दिलीप गुप्ता धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण दो लोगों की मौत हो गई।
दिलीप गुप्ता ने कहा कि गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाया गया था, लेकिन आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि समय रहते इलाज मिलता तो मरीजों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
धरने के दौरान उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और मरीजों को आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि संबंधित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्था अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ही मरीजों का उपचार किया जाता है।
फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अभी तक स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वहीं सथानिय लोगों ने बताया की आवासिय परिसर में अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। इसकी वजह से मोहल्ला के लोगों को काफी परेशानियां हो रही है। लोगोें ने नगर निगम और प्रशासन से की जांच करने की मांग की है।




