पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर, 5 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर। ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों ने पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब तक पांच बच्चों की मौत के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के 11 डॉक्टरों और एक

जमशेदपुर। ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों ने पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब तक पांच बच्चों की मौत के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के 11 डॉक्टरों और एक एमपीडब्ल्यू कर्मी को शोकॉज नोटिस जारी किया है। सभी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 29 जून से 10 जुलाई तक जिले में 77,770 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 1,731 लोग संक्रमित पाए गए। शुक्रवार को 14,200 लोगों की जांच के दौरान ब्रेन मलेरिया के 128 नए मरीज मिले, जिनमें सबसे अधिक 35 मरीज पोटका से हैं। तीन बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित गांवों में सर्वे, घर-घर जांच और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को मच्छरों से बचाव और समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वर्तमान में सदर अस्पताल में 40 ब्रेन मलेरिया मरीजों का इलाज जारी है, जबकि एमजीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में 9 बच्चे भर्ती हैं। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

संक्रमण के तेजी से फैलने के कारणों की जांच की जिम्मेदारी एमजीएम मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई है। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि बुखार के मरीजों की तत्काल रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट कर एंटी-मलेरिया दवा उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इलाज और निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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