भाजपा पहले 17 वर्षों का हिसाब दे, फिर निवेश पर सवाल उठाए : आलोक कुमार दूबे

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने निवेश के मुद्दे पर भाजपा की ओर से की जा रही आलोचना को राजनीतिक हताशा और हास्यास्पद बताया है।
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रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने निवेश के मुद्दे पर भाजपा की ओर से की जा रही आलोचना को राजनीतिक हताशा और हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लगभग 17 वर्षों तक झारखंड में प्रत्यक्ष या गठबंधन सरकार के रूप में शासन किया, जिसमें पांच वर्ष डबल इंजन सरकार का कार्यकाल भी शामिल रहा, लेकिन इस दौरान राज्य में एक भी उद्योग स्थापित नहीं हो सका। ऐसे में वर्तमान सरकार के निवेश प्रयासों पर सवाल उठाना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों ने अपने कार्यकाल में कई निवेश सम्मेलन आयोजित किए और 100 से अधिक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने का दावा किया था। हालांकि, इन समझौतों का कोई ठोस परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं दिया। न बड़े उद्योग स्थापित हुए और न ही युवाओं को अपेक्षित रोजगार मिल सका। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा देना चाहिए, उसके बाद वर्तमान सरकार से जवाब मांगना चाहिए।

वर्तमान सरकार के प्रयासों का किया उल्लेख

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार उद्योग, निवेश, पर्यटन, आईटी और रोजगार जैसे क्षेत्रों में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार देश और विदेश के निवेशकों के साथ लगातार संवाद कर रही है और झारखंड को निवेश के लिए बेहतर गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। उनके अनुसार निवेश आकर्षित करने की प्रक्रिया चरणबद्ध होती है और इसके परिणाम भी समय के साथ सामने आते हैं।

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भाजपा से कार्यकाल का हिसाब मांगा

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि डबल इंजन सरकार के दौरान, जब केंद्र और राज्य दोनों में उसकी सरकार थी, तब झारखंड को कौन-से बड़े उद्योग मिले। उन्होंने कहा कि यदि उस समय अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद उद्योग स्थापित नहीं हो सके, तो इसकी जिम्मेदारी भी भाजपा को ही लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य रचनात्मक सुझाव देना नहीं, बल्कि सरकार की हर सकारात्मक पहल का विरोध करना रह गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार निवेश, आधारभूत संरचना और रोजगार सृजन की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और इसी कारण भाजपा असहज दिखाई दे रही है। जनता अब दावों और वास्तविकता के बीच का अंतर समझ चुकी है।

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आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस और झारखंड सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निवेश, उद्योग, रोजगार और समावेशी विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को निराधार आरोप लगाने के बजाय अपने 17 वर्षों के शासनकाल का जवाब देना चाहिए।

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