रांची : आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने गुरुवार को झारखंड दौरे के दौरान झिरी स्थित गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित बायोगैस प्लांट और बायोरेमेडिएशन तकनीक के माध्यम से लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण से जुड़ी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
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निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली, जैविक अपशिष्ट से गैस उत्पादन की प्रक्रिया तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी ली।
लेगेसी वेस्ट परियोजना की प्रगति का लिया जायजा
मंत्री ने झिरी डंपिंग यार्ड में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट के बायोरेमेडिएशन तकनीक से किए जा रहे वैज्ञानिक निस्तारण कार्य का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों के साथ परियोजना के तकनीकी एवं संचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसी परियोजनाएं स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ शहरी विकास को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और नवीनतम तकनीकों के अनुरूप पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को अधिकतम लाभ मिलेगा और शहर में वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, सहायक नगर आयुक्त, पीएमसी टीम, गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी तथा मेसर्स गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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