दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा

रांची। सिमडेगा जिले के , ग्रामीण इलाकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान और बरसात के दौरान गांवों का मुख्यधारा से संपर्क बनाए रखने के लिए स्थानीय विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से बुधवार

रांची। सिमडेगा जिले के , ग्रामीण इलाकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान और बरसात के दौरान गांवों का मुख्यधारा से संपर्क बनाए रखने के लिए स्थानीय विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से बुधवार को रांची में मुलाकात की। इस दौरान जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा भी मौजूद रहीं। बैठक में विधायक ने जिले की सड़क, पुल, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे और समस्याओं को मंत्री के सामने रखे। उन्होंने कहा कि सिमडेगा की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां विशेष विकास पैकेज की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को हर मौसम में बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.

विधायक ने मंत्री को बताया कि सिमडेगा आदिवासी बहुल जिला है और यहां बड़ी संख्या में गांव पहाड़ियों, जंगलों और नदी-नालों से घिरे हुए हैं। मानसून शुरू होते ही कई नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय और मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांव कई दिनों तक टापू की तरह अलग-थलग पड़ जाते हैं। यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। कहा कि संपर्क टूटने का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। कई बार किसी ग्रामीण की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है, लेकिन सड़क और पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में ग्रामीण मरीज को खाट पर लिटाकर उफनती नदी पार कराते हैं। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की जान तक चली जाती है.

जिले के सभी ऐसे गांवों की सूची तैयार कराई जाए

विधायक ने मंत्री से आग्रह किया कि जिले के सभी ऐसे गांवों की सूची तैयार कराई जाए, जो हर वर्ष बरसात में कट जाते हैं। इन इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर पुल, पुलिया और पक्की सड़कों का निर्माण कराया जाए।
बैठक में विधायक ने ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग के अधीन आने वाली सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया।

जर्जर विद्यालय भवनों का तत्काल सर्वे कराया जाए
विधायक ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बुनियादी ढांचे का मुद्दा उठाया उन्होंने कहा कि जिले के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें बेहद जर्जर हो चुकी हैं। कई जगहों पर छत और दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों में पढ़ाई कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। इसलिए सभी जर्जर विद्यालय भवनों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जहां जरूरत हो वहां पुराने भवनों को हटाकर नए, सुरक्षित और आधुनिक कक्षों का निर्माण कराया जाए.


विकास योजनाओं में सिमडेगा को मिले प्राथमिकता

बैठक के दौरान विधायक ने स्पेशल डिवीजन, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग से मिलने वाली विकास योजनाओं के कोटा में बढ़ोतरी की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सिमडेगा आज भी कई विकास मानकों पर राज्य के अन्य जिलों से पीछे है । यहां सड़क, पुल, सिंचाई और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की काफी आवश्यकता है। यदि जिले को अतिरिक्त योजनाएं और बजट मिलेगा तो ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य पूरे किए जा सकेंगे।

बिधायक को मंत्री ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधायक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से सिमडेगा की समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। जिन क्षेत्रों में पुल और सड़क निर्माण की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी गांव को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और प्रदेश सह प्रभारी बेला प्रसाद, मार्केटिंग बोड के अध्यक्ष रविंद्र सिंह शामिल थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *