रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से सोमवार को श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के लोगों ने लोक भवन में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह के पवित्र जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी की धार्मिक पवित्रता बनाए रखने, सुरक्षा और पर्यावरण की हिफाजत को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस पवित्र जगह की मान-मर्यादा और प्राकृतिक सुंदरता को बचाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
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सम्मेद शिखरजी जैन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
ज्ञापन में महासभा ने उल्लेख किया कि श्री सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का सर्वोच्च तीर्थ है। मान्यता है कि 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों सहित अनेक सिद्धात्माओं ने इसी पावन पर्वतराज पर मोक्ष प्राप्त किया था। महासभा के अनुसार, यह तीर्थ करोड़ों जैन श्रद्धालुओं की आस्था और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रतिनिधिमंडल ने तीर्थराज की धार्मिक गरिमा और प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही पर्वतराज और तीर्थ क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश मार्गों पर जांच और निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने तथा स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता और आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा, दिल्ली के अध्यक्ष गजराज गंगवाल और संयुक्त महामंत्री संजय पाटनी शामिल थे। इनके अलावा दिगम्बर जैन पंचायत, रांची के अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल, मंत्री जितेंद्र छाबड़ा तथा पूर्व अध्यक्ष पूरणमल जी सेठी, नरेंद्र गंगवाल और उमेदमलजी काला भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस संवेदनशील विषय पर राज्य सरकार और संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। महासभा ने कहा कि इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु निर्भीक होकर पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ तीर्थराज की वंदना कर सकेंगे।



