रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने इंदिरा गांधी और आपातकाल का हवाला देकर कांग्रेस पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को इतिहास का एक अध्याय याद है, लेकिन लोकतंत्र और संविधान से जुड़े वर्तमान के सवालों पर जवाब देने में उसकी दिलचस्पी क्यों नहीं दिखाई देती?
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को कांग्रेस को संविधान का पाठ पढ़ाने से पहले यह बताना चाहिए कि लोकतंत्र में असहमति, विपक्ष की भूमिका, स्वतंत्र संस्थाओं की निष्पक्षता और नागरिकों के अधिकारों को लेकर उनकी पार्टी का व्यावहारिक दृष्टिकोण क्या है। संविधान केवल भाषणों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं, बल्कि शासन और सार्वजनिक जीवन में उसके मूल्यों को लागू करने की जिम्मेदारी भी है।
दूबे ने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के आंदोलन से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कांग्रेस अपने इतिहास के प्रत्येक अध्याय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन भाजपा को भी अपने शासनकाल के फैसलों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा का दावा करने वाली हर राजनीतिक पार्टी को अपने आचरण से यह साबित करना चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज सुनना, सवालों का जवाब देना और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना किसी एक दल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा को इतिहास की घटनाओं के सहारे राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय वर्तमान की समस्याओं, जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक जवाबदेही पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। देश का लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। संविधान सर्वोपरि है और उसकी भावना का सम्मान सत्ता पक्ष तथा विपक्ष, दोनों को करना चाहिए।



