झारखंड: पाकुड़ में हुए बहुचर्चित पैनम कोल माइंस अवैध खनन मामले की सुनवाई मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ के समक्ष हुई इस सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है।
पैनम कंपनी की अर्जी और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान पैनम कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से एक आवेदन देकर खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या प्रतिनिधि के जरिए एसीबी के समक्ष पेश होने की अनुमति मांगी गई। हालांकि, एसीबी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने अदालत को अवगत कराया कि फिलहाल कंपनी का बयान तुरंत दर्ज करना अनिवार्य नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पैनम के इस आवेदन को निष्पादित कर दिया।




