रायपुर : छत्तीसगढ़ में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों-करोड़ों रुपये जब्त किए हैं। दुर्गपुर में गाड़ी की चेकिंग के दौरान एक पिकअप के गुप्त चेंबर से पूरे 4 करोड़ रुपये मिले। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस अब पता लगा रही है कि पैसा आखिर किसका है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। वहीं, महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की तस्करी, बिना अनुमति लकड़ी ढोने और फर्जी एनओसी व बिल बनाने के मामले में कई राज्यों में कार्रवाई की है। इस दौरान 95 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय छापरिया को उत्तराखंड के हरिद्वार से धर दबोचा है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। अब देखना है कि जांच में इस पूरे खेल के पीछे किन लोगों के नाम सामने आते हैं।
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दुर्गपुर में पिकअप के गुप्त चेंबर से मिले 4 करोड़ रुपये
दुर्गपुर पुलिस कार्यालय के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे डबरापारा, थाना खुर्सीपार के पास वाहन चेकिंग के दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। वाहन के पिछले हिस्से को मॉडिफाई कर पूरी तरह बंद किया गया था। पिकअप में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे बताए। तलाशी के दौरान वाहन के पिछले हिस्से में एक गुप्त चेंबर मिला। पुलिस ने चेंबर खोलकर उसमें छिपाए गए 4 करोड़ रुपये बरामद किए। अब दोनों व्यक्तियों से रकम के स्रोत, स्वामित्व और उसे ले जाने के उद्देश्य के बारे में पूछताछ की जा रही है।
महासमुंद में खैर लकड़ी तस्करी मामले में 95 लाख जब्त
महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी व बिलिंग से जुड़े मामले में ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में कार्रवाई की। इस दौरान कुल 95 लाख रुपये जब्त किए गए। पुलिस ने खैर लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में जानलेवा हमले के आरोपी संजय छापरिया को हरिद्वार से गिरफ्तार किया। वह थाना सिंघोड़ा में दर्ज मामले में फरार चल रहा था।
ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में भी छापेमारी
संजय छापरिया से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के बरगढ़ स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपये जब्त किए। इसके अलावा, उसके सहयोगी और टैक्स कंसल्टेंट के घर से 15 लाख रुपये बरामद किए गए। हिमाचल प्रदेश में भी पुलिस ने उस ठिकाने पर दबिश दी, जहां आरोपियों को अवैध खैर लकड़ी खपाने में मदद दी जाती थी। यहां से 35 लाख रुपये जब्त किए गए।
अब तक 3.61 करोड़ रुपये से अधिक जब्त
महासमुंद पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अब तक कुल 3,61,52,880 रुपये जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, यह रकम अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित की गई थी। मामले में विभिन्न राज्यों में की गई कार्रवाई के बाद पुलिस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।




