धनबाद: विजया दशमी के पावन पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, धनबाद महानगर (भाग-2) द्वारा विजयादशमी उत्सव, शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का भव्य आयोजन राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, अशोक नगर में संपन्न हुआ।
संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम शस्त्र पूजन किया गया। शस्त्र पूजन के पश्चात स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित पथ संचलन किया। पथ संचलन का शुभारंभ अपराह्न 3:15 बजे हुआ। घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवकों का अनुशासन और राष्ट्रभक्ति देखते ही बन रही थी।

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इस अवसर पर मुख्य बौद्धिक कर्ता के रूप में प्रांत प्रचारक, झारखंड  गोपाल जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा -“असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की विजय ही विजयादशमी का संदेश है। संघ 100 वर्षों से संस्कार, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के मंत्र के साथ कार्य कर रहा है।”_3.

संघ का पंच-प्रण (प्रमुख संकल्प)

संघ द्वारा समाज और राष्ट्र के लिए अक्सर 5 प्रमुख विषयों पर जोर दिया जाता है, जिनकी चर्चा विजयादशमी के उद्बोधन में प्रमुखता से होती है:
• सामाजिक समरसता: जाति-भेद से ऊपर उठकर एकसमरस और एकजुट हिंदू समाज का निर्माण।
• कुटुम्ब प्रबोधन: संयुक्त परिवार की परंपरा और बच्चों में अच्छे संस्कार व पारिवारिक मूल्यों को बचाए रखना।
• पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण, प्लास्टिक का त्याग और अधिक से अधिक पेड़ लगाना।
• स्वदेशी और स्वावलंबन: स्थानीय उत्पादों को अपनाना और देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
• नागरिक अनुशासन: देश के संविधान, कानूनों और मौलिक कर्तव्यों का पालन करना।

कार्यक्रम में ये हुए शामिल

नित्यानंद पांडे ,केशव होडिया, जयप्रकाश नारायण सिंह, आयुष तिवारी, पंकज सिंह ,राकेश सुमन ,बिंदेश्वरी प्रसाद,हरेंद्र सिंह, महेंद्र अग्रवाल, राजा खंडेलवाल, विक्रम हिमालय, धनबाद विधायक राज सिंह के अलावा कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवक बंधु पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे तथा समाज के प्रबुद्ध एवं गणमान्य नागरिक भी सादर आमंत्रित थे।